वाराणसी। दुनिया भर से काशी आने वाले प्रवासी भारतीयों की आवभगत के लिए पुख्ता तैयारी की जा रही है। 24 जनवरी को 50 बसों से 25 सौ प्रवासी भारतीयों को प्रयागराज कुंभ में ले जाया जाएगा।
एयरपोर्ट पर प्रवासी मेहमानों के लिए वाहनों की व्यवस्था होगी और उन्हें वहां से उनके ठहरने वाले स्थल तक परिवहन विभाग की देखरेख में पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। वीआईपी से लेकर प्रवासी प्रतिनिधियों के लिए 260 वाहनों के साथ फुलप्रूफ प्लान तैयार किया गया है।
21 से 23 जनवरी तक होने वाले प्रवासी भारतीय सम्मेलन में आने वाले राष्ट्राध्यक्षों के लिए 10 मर्सडीज ई क्लास होंगी। 50 इनोवा और 90 सेडान कार एयरपोर्ट से प्रवासियों को गंतव्य तक पहुुंचाने के लिए होंगी। 14 से 20 सीटर वाली 20 गाड़ियां शहर भ्रमण करने वाले मेहमानों के लिए होंगी। टेंट सिटी से आयोजन स्थल तक पहुंचाने के लिए 30 वातानुकूलित बसें लगाई गई हैं। यातायात व्यवस्था की जिम्मेदारी केटीसी कंपनी को सौंपी गई है और परिवहन विभाग के अधिकारी इसकी मॉनिटरिंग करेंगे। इसके लिए 10 एआरटीओ स्तर के अधिकारियों को तैनात किया जाएगा।
सबसे ज्यादा मॉरीशस से आएंगे मेहमान
प्रवासी सम्मेलन में सबसे ज्यादा प्रवासी भारतीय मॉरीशस से आएंगे। यहां के 700 लोगों ने सम्मेलन के लिए पंजीकरण कराया है। इनके लिए 40 वातानुकूलित बसों की व्यवस्था की गई है।
नहीं उतर पाएगा मॉरिशस का विमान
मॉरीशस से प्रवासियों को लेकर आने वाला विशेष विमान सीधे लाल बहादुर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बाबतपुर में आना था, मगर रनवे की लंबाई कम होने के कारण यहां उनका विमान नहीं उतर पाएगा। अब मॉरीशस के मेहमान अलग-अलग विमानों से आएंगे।
कार्यक्रम एक नजर में
21 जनवरी को आयोजन सुबह साढे़ नौ बजे से होगा। पहले सत्र में नार्वे के सांसद हिमांशु गुलाटी और न्यूजीलैंड के सांसद कंवलजीत सिंह बक्शी शामिल होंगे। इसी दिन बीएचयू में छात्रों संग संवाद का भी आयोजन किया जाएगा। शाम को सांस्कृतिक आयोजन के बाद रात्रि भोज की मेजबानी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे।
22 जनवरी को सुबह दस बजे से सत्र प्रारंभ होगा। इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सीएम योगी आदित्यनाथ, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और मॉरीशस के पीएम प्रविंद जुगनाथ संबोधित करेंगे। दिन भर के आयोजन के बाद रात्रि भोज की मेजबानी विदेश मंत्री सुषमा स्वराज करेंगी।
23 जनवरी को सुबह नौ बजे से विविध विषयों पर वैश्विक मंथन का दौर चलेगा। दोपहर में राज्यपाल लंच पर लोगों की मेजबानी करेंगे। शाम को प्रवासी भारतीयों को सम्मानित किया जाएगा। इसके बाद अगले दिन प्रयागराज और नई दिल्ली के आयोजन में शामिल होने के लिए प्रवासी भारतीय रवाना होंगे।