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ट्राई के नए टैरिफ से टीवी दर्शक उत्साहित

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वाराणसी। टेलीकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) के अनुसार उपभोक्ता जो चैनल देखें, सिर्फ उसी का पैसा दें। टीवी चैनल चुनने का अधिकार उपभोक्ता का है। उपभोक्ता अपनी पसंद के अनुसार ही पैसा खर्च कर चैनल देखें। ट्राई का नया टैरिफ सिस्टम 29 दिसंबर से लागू होने जा रहा है।
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इस आधार पर उपभोक्ताओं को नेटवर्क कैपेसिटी फीस के तौर पर प्रति माह 100 चैनल के लिए अधिकतम 130 रुपया देना होगा। 100 से अधिक के लिए अगले 25 चैनल पर 20 रुपये अतिरिक्त देना होगा। इसके अलावा उपभोक्ता जो चैनल चुनेंगे, उनकी कीमत जुड़ेगी। यह कीमत एक से 19 रुपये तक है। हालांकि ज्यादातर उपभोक्ता भ्रम में हैं कि आखिरकार वे नए टैरिफ सिस्टम का लाभ कैसे उठाएंगे। इसके लिए प्रचार-प्रसार की आवश्यकता है।
रवींद्रपुरी कॉलोनी निवासी व्यापारी मनीष श्रीवास्तव उर्फ रिंकू ने कहा कि डायरेक्ट टू होम (डीटीएच) सर्विस एंटरटेनमेंट, किड्स, नॉलेज, स्पोर्ट्स जैसे पैक्स को चुनने के बाद उपभोक्ताओं के लिए यह पहले से महंगा हो गया था। अब हमें अधिकार होगा कि जो चैनल देखना है, सिर्फ उसी के पैसे देें। ब्रॉडकास्टर की ओर से तय कीमत से अधिक कोई भी डिस्ट्रीब्यूटर नहीं ले सकेगा। भिखारीपुर निवासी होटल संचालक अभिषेक सिंह राजू के अनुसार ट्राई ने अच्छा निर्णय लिया है। अब एक चैनल के बदले हम पर नौ अतिरिक्त चैनल थोपे नहीं जा सकेंगे। सामने घाट निवासी दुकानदार गौरीशंकर प्रजापति ने कहा कि नए नियम के तहत हम पसंदीदा चैनल कैसे चुनेंगे यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है।
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उधर, मल्टी सर्विस ऑपरेटर (एमएसओ) और लोकल केबल ऑपरेटर (एलसीओ) के तर्क अलग हैं। सिटी केबल के एमएसओ आलोक पारिख कहते हैं कि 160 से 250 रुपये में हमारी ओर से उपभोक्ताओं को 200 से 300 चैनल दिखाए जाते हैं। अब उपभोक्ताओं को सौ के बाद प्रति चैनल पैसा देना होगा। यह महंगा पड़ेगा। वाराणसी केबल टीवी ओनर वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष हरेराम रंजन ने बताया कि ट्राई के अनुसार जो बेस प्राइस 130 रुपया है उसमें से 55 प्रतिशत एमएसओ और 45 प्रतिशत एलसीओ के लिए है। इससे देश भर के एलसीओ की नाराजगी है।
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