वाराणसी। सरकार की ओर से शोध के लिए मिलने वाली फेलोशिप में वृद्धि न किए जाने से विश्वविद्यालय समेत अन्य संस्थानों के छात्र नाराज हैं। शुक्रवार को देशव्यापी आंदोलन के क्रम में छात्रों ने बीएचयू परिसर में मार्च निकालकर सरकार के विरोध में नारेबाजी की। आईआईटी बीएचयू सहित बीएचयू विज्ञान संकाय के छात्रों ने शांति मार्च के माध्यम से सभी वर्ग के छात्र-छात्राओं के फेलोशिप को बढ़ाने की मांग की। इसके अलावा छात्रों ने हर महीने तय समय पर और सभी को समान फेलोशिप देने का मुद्दा भी पुरजोर ढंग से उठाया।
आईआईटी बीएचयू में ज्वाइंट एक्शन कमेटी के नेतृत्व में निकले मार्च के माध्यम से छात्राें ने बताया कि सरकार शोध को बढ़ावा देने की बात कह रही है लेकिन छात्र-छात्राओं को न तो समय पर फेलोशिप मिल रही है और न ही इसमें बढ़ोत्तरी की गई है। समय-समय पर इसकी आवाज उठाई जा चुकी है। आईआईटी बीएचयू में नियंता कार्यालय के सामने से निकली रैली विभिन्न विभागों में होते हुए लिंबडी चौराहे पहुंची, यहां सभा कर छात्रों ने फेलोशिप में 80 प्रतिशत वृद्धि करने, हर महीने समय से वितरण, हर चार साल पर समीक्षा कराए जाने की मांग की। वित्तमंत्री ने 2016 में अपने भाषण में उच्च शिक्षण संस्थानों की बेहतरी और वैश्विक पटल पर स्थापित करने को संकल्पित होना बताया था, लेकिन इस क्षेत्र में जीडीपी का एक प्रतिशत से भी कम खर्च हो रहा है। चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मांगें नहीं मानी गई तो आंदोलन तेज होगा। उधर विज्ञान संकाय के विभिन्न विभागों के छात्र मार्च निकालकर निदेशक कार्यालय पहुंचे। गौरव, प्रदीप, अनिल, सौरभ, प्रज्जवल, प्रिया, योगेश, सुनील, आनंद, अंजलि, नवीन आदि ने बताया कि पिछली बार चार अक्तूबर 2014 में फेलोशिप वृद्धि हुई थी। तब से लेकर कई बार आवाज उठाई गई लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।