वाराणसी। पुलिस उत्पीड़न के खिलाफ ऑटो चालकों की हड़ताल दूसरे दिन बुधवार को भी जारी रही। सुबह से ही हड़ताली ऑटो चालक सड़कों पर एकत्र हो गए और सवारियां लेने वाले ऑटो चालकों से मारपीट की। सवारियों से भी बदसलूकी हुई। सड़कों पर खड़े लोगों को घंटों तक वाहनों की प्रतीक्षा करनी पड़ी। हालांकि रोडवेज ने छह सिटी बसों का संचालन किया। मगर, कई रूट पर वाहन नहीं होने से यह व्यवस्था नाकाफी रही। देर शाम एडीएम सिटी विनोद सिंह के आश्वासन पर हड़ताल समाप्त हो गई।
द ऑटो रिक्शा वेलफेयर सोसाइटी की ओर से की गई हड़ताल के दूसरे दिन चालकों का समूह शहर के प्रमुख चौराहों पर एकत्र हो गया। इस दौरान चौकाघाट क्षेत्र में कुछ ऑटो संचालित होने की सूचना पर हड़ताली वहां पहुंचे और ऑटो चालकों से मारपीट करने लगे। इस दौरान ऑटो में बैठी सवारियों से बदसलूकी करते हुए उन्हें नीचे उतार दिया गया। कुछ जगहों पर ऑटो वालों ने मजूबरी का फायदा उठाकर सवारियों से मनमानी वसूली की। कई रूट पर निर्धारित से दो-तीन गुना किराया लिया गया।
इसके अलावा चांदपुर, कैंट स्टेशन, कैंट रोडवेज अड्डा, मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन, सुंदरपुर चौराहा, लंका चौराहा, काशी स्टेशन सहित शहर के प्रमुख चौराहों व सड़कों पर लोग ऑटो और ई-रिक्शा नहीं मिलने से परेशान रहे। जिले भर के 46 रूटों पर ऑटो संचालन नहीं होने से लोगों पैदल भी चलना पड़ा।