वाराणसी। लंबे समय से रिंग रोड, बाबतपुर फोरलेन और गोइठहां व दीनापुर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को तैयार कर लिया गया है। मुख्यमंत्री के दौरे से पहले प्रशासन ने तैयार परियोजनाओं का ट्रायल रन भी शुरू कर दिया है। हालांकि महिला अस्पताल के नए भवन का काम अब भी पूरा नहीं हो पाया है। उधर, 28 अक्टूबर की रात में मुख्यमंत्री वाराणसी में चल रही परियोजनाओं का निरीक्षण भी करेंगे। ऐसे में मुख्यमंत्री की पिछली कई समीक्षा बैठकों में परियोजनाओं को पूरा नहीं कर पाने अधिकारी उनके सामने सकारात्मक तस्वीर रखने की जुगत में हैं। उधर, जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह का कहना है कि 30 अक्टूबर तक पूरी होने वाली परियोजनाओं का ट्रायल रन शुरू करा दिया गया है।
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रिंग रोड फेज-1
संदहा से हरहुआ के बीच 261 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 16 किलोमीटर लंबी रिंग रोड परियोजना को 15 जून तक पूरा होना था। तीन बार समयसीमा बढ़ने के बाद 30 अक्टूबर तक उसे पूरा होना है। रिंग रोड के फिनशिंग का काम पूरा कर गाजीपुर, आजमगढ़ और जौनपुर लिंक मार्ग को तैयार इस पर वाहनों का संचालन शुरू कराया गया है।
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बाबतपुर फोरलेन
806 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली बनारस से जौनपुर वाया बाबतपुर 63 किलोमीटर लंबी फोरलेन की समय सीमा भी तीन बार बढ़ाई गई है। हालांकि इस मार्ग पर कुछ जगहों पर काम चल रहा है, मगर फ्लाईओवर पर वाहनों का संचालन शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा इसमें जगह जगह फुटओवर ब्रिज भी तैयार किया जा रहा है।
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सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट
गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के तहत बनने वाले 186 करोड़ रुपये की लागत बनने वाले दीनापुर और 533 करोड़ रुपये से तैयार गोइठहां सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को ट्रायल रन पर ला दिया गया है। जून 2018 में पूरी होने वाली दोनों परियोजनाओं की समयसीमा तीन बार बढ़ाकर 30 अक्टूबर रखी गई थी। हालांकि सीवेज लाइन के कनेक्शन का काम अब भी जारी है।
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महिला अस्पताल का भवन
महिला चिकित्सालय में 100 शैय्यायुक्त मैटरनिटिंग विंग का काम भी लगातार समय सीमा बढ़ाए जाने के बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। बीस फीसदी काम अभी बाकी है। लंबे समय से सिविल और इलेक्ट्रिकल इकाई के ठेकेदारों के बीच विवाद की वजह से काम बाधित हुआ।
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सप्ताह में एक दिन वार्ड में निरीक्षण करेंगे अधिकारी
सफाई व्यवस्था और पॉलिथीन को लेकर मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने जिलाधिकारी व नगर आयुक्त को पत्र लिखकर वार्ड वार नियुक्त अधिकारियों से सप्ताह में कम से कम एक दिन औचक निरीक्षण करने का निर्देश दिया। इसके अलावा अपर जिला अधिकारी नगर ने नगर मजिस्ट्रेट और अपर नगर मजिस्ट्रेट को प्लास्टिक की थैलियों पर प्रतिबंध का अनुपालन कराने के लिए सप्ताह में एक दिन अभियान चलाने का निर्देश दिया है।