मऊ। जिला महिला अस्पताल परिसर में सोमवार को मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. माधुुरी सिंह ने अस्पताल के कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सीएमएस ने अस्पताल में तैनात कनिष्ठ लिपिक विनोद कुमार द्विवेदी से कार्यालय में प्रयोग होने वाले सामानों से संबंधित कागजों की छानबीन किया। इस दौरान लिपिक अधिकांश सामानों को नहीं दिखा सका। सीएमएस ने नाराजगी जताते हुए अस्पताल के बजट से खरीदे गए सभी सामानों को 24 घंटों के अंदर कार्यालय में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। सामान न मिलने पर प्रभावी कार्रवाई की चेतावनी सीएमएस ने दी।
सीएमएस द्वारा लिपिक से 88 हजार की राशि से खरीदे गये कार्यालय के लिए स्टेशनरी और अस्पताल में आवश्यक सामानों संबंधी कागजातों की छानबीन किया। इसमें 120 रजिस्ट्रर, बड़ा स्टेपलर, रूम हीटर, 12 एलईडी बल्ब, पांच पेनड्राइव सहित दूसरे सामानों की जानकारी लिपिक से मांगी। जांच में सीएमएस को लिपिक 120 रजिस्ट्रर के बजाए केवल 11 रजिस्ट्रर, पांच पेनड्राइव की जगह एक पेनड्राइव ही दिखा सका। खरीदे गए सभी सामानों की मौजूदगी साबित नहीं कर पाने पर सीएमएस ने गंभीर नाराजगी जताया। सीएमएस ने 24 घंटे के अंदर सभी सामानों को कार्यालय में उपलब्ध कराने की चेतावनी दिया। जांच में मिले सभी मौजूद सामानों की सूची तैयार कराकर सीएमएस अपने साथ ले गईं। उधर लिपिक विनोद कुमार द्विवेदी ने सीएमएस पर बदले की भावना से मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया। उधर इस बावत सीएमएस डा. माधुरी सिंह का कहना है कि प्रताड़ना का आरोप निराधार है। खरीदे गए सामान अस्पताल में न होने की शिकायत मिलने पर जांच की गई। शिकायत सही पाई गई, खरीदे गए सामानों की जानकारी लिपिक नहीं दे सका। उसे 24 घंटे में सामानों को कार्यालय में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।