ज्ञानपुर। विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज परिसर में सोमवार को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के दूसरे चरण में 51 जोड़ों का रीति रिवाज के साथ विवाह हुआ। 49 जोड़ों ने अग्नि के सात फेरे लेकर एक साथ जीने की कसमें खाईं तो दो जोड़ों ने निकाह में एक-दूसरे को जीवन साथी कबूल किया। अंत में सभी नवविवाहित दंपतियों को 20-20 हजार रुपये का चेक और गृहस्थी का सामान बतौर उपहार दिया गया। साथ ही जन प्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उन्हें खुशहाल जीवन का आशीर्वाद देकर विदा किया।
सामूहिक विवाह के लिए वीएन जीआईसी के मैदान को भव्य तरीके से सजाया गया था। सुबह से ही परिसर में गहमागहमी बढ़ गई थी। जिले के सभी छह ब्लॉकों से आए जोड़ों को स्वागत किया गया और साज-सज्जा के साथ मंडप पर बैठाया गया। शुरू में दो मुस्लिम जोड़ों का निकाह कराया गया। इसके बाद आचार्यों ने विधि विधान के साथ 49 हिंदू जोड़ा का विवाह कराया। मुख्य अतिथि सांसद वीरेंद्र सिंह ने कहा कि सबसे बड़ा दान कन्यादान है। सरकार की कल्याणकारी योजना से गरीबों को अपनी बेटियों के विवाह की चिंता अब नहीं होगी। ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्र ने कहा कि सरकार की मंशा है कि समाज में दहेज रूपी प्रथा खत्म हो। जिला पंचायत अध्यक्ष काजल यादव ने भी सरकार की योजनाओं को सराहा।
जिलाधिकारी विशाख जी ने कहा कि प्रत्येक जोड़े को 20 हजार की धनराशि उनके खाते में भेजी गई है जबकि 10 हजार रुपये का गृहस्थी का सामान उपहार में दिया गया है। इसमें एक मोबाइल, दो साड़ी सेट एवं एक चुनरी, दो जोड़ी बिछिया, पायल, एक सूटकेश, बर्तन सेट, मिक्सर, स्टील ड्रम और लेडीज घड़ी शामिल थी। इसी तरह डॉ. शंभूनाथ रिसर्च फाउंडेशन की रोली सिंह ने सभी जोड़ों को कन्यादान स्वरूप प्रोत्साहन राशि दी। अंत में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने वर-वधू को सुखमय जीवन का आशीर्वाद दिया। इस मौके पर सीडीओ हरिशंकर सिंह, समाज कल्याण अधिकारी आरके सिंह, एएसपी डॉ. संजय कुमार, एसडीएम आशीष कुमार, एएसडीएम अमृता सिंह, सीओ रामकरन, सांसद प्रतिनिधि शैलेंद्र दूबे, प्रदीप सिंह, नागेंद्र सिंह, गोरेलाल, राजितराम यादव, जेपी सिंह, रिंकू आदि मौजूद रहे।