ज्ञानपुर। सरकारी योजनाओं को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार की ओर से भले तमाम प्रयास किया जा रहा है लेकिन सेक्रेटरी, प्रधान से लेकर ब्लॉक कर्मी खेल करने से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला अभोली के दानूपुर पुरबपट्टी गांव में सामने आया है। यहां निजी शौचालय को सरकारी धन से बना दिखाकर प्रोत्साहन राशि निकाल ली गई। जांच में गबन की बात सामने आने डीएम ने सेक्रेटरी और प्रधान को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
अभोली विकास खंड के दानुपुर पुरबपट्टी गांव निवासी प्रवेश कुमार बिंद समेत अन्य ग्रामीणों ने सात नवंबर 2017 को गांव के विकास कार्यों की जांच के लिए डीएम को प्रार्थना पत्र दिया था। डीएम के निर्देश पर भूमि संरक्षण अधिकारी कमलजीत सिंह और अवर अभियंता आरईएस कृष्ण कुमार गौतम को जांच अधिकारी नामित किया गया। दोनों अफसरों ने गांव में जाकर जांच की। तफ्तीश के दौरान शौचालय के लिए बनने वाले गड्ढे मानक के अनुसार नहीं मिले। यही नहीं जांच में पाया गया कि गांव में लाल बहादुर पुत्र पुरुषोत्तम ने अपने पैसे से शौचालय बनवाया था। पंचायत सचिव एवं प्रधान ने उस शौचालय को सरकारी दिखा कर 24 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि निकाल ली। जांच अधिकारियों ने प्रथम दृष्टया इसे गबन मानते हुए जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी। आख्या मिलने पर डीएम विशाख जी ने ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी से लगे आरोपों के संबंध में स्पष्टीकरण देने को कहा। कहा कि तय समय पर स्पष्टीकरण न देने पर पंचायत अधिनियम के तहत दोनों पर कार्रवाई की जाएगी। जिला पंचायत राज अधिकारी अनिल त्रिपाठी ने कहा कि गड़बड़ी करने वालों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।