ज्ञानपुर। होली का त्योहार नजदीक आते ही मिलावटी दूध, पनीर और मिठाइयों का कारोबार बढ़ गया है। पाउडर के दूध में तरह-तरह के केमिकल मिलाकर दुकानदार मिठाइयां तैयार करने में जुट गए हैं। मांग में उछाल आने से दूधिया भी धड़ल्ले से मिलावट कर खूब कमा रहे हैं लेकिन लोगों की सेहत बिगड़ रही है। उन्हें अपनी कमाई से मतलब है, लोगों के स्वास्थ्य की चिंता नहीं है। वहीं, पुलिस और जिला प्रशासन मिलावट रोक पाने में नाकाम है।
जिले में प्रतिदिन सवा लाख लीटर दूध का उत्पादन होता है लेकिन दो लाख लीटर से ज्यादा है। त्योहार के समय तो दूध की किल्लत बढ़ जाती है। सपा सरकार में जिले में दो दर्जन कामधेनु डेयरियां खोली गई थीं, जिनमें आधी बंद हो चुकी हैं। ऐसे में लोग दूधियों के अलावा अमूल, पराग, श्याम आदि डेयरी का पैकेट बंद दूध का भी उपयोग करते हैं। होली का त्योहार नजदीक आने पर प्रतिदिन करीब दूध की मांग करीब पांच लाख लीटर हो गई है। ऐसे में मिलावटखोरों का धंधा भी जोरों पर बढ़ गया है। हर घर में दूध और खोवा से पकवान बनते हैं। होली दो मार्च को होगी मगर दूध और खोवा की किल्लत अभी से शुरू हो गई है। दुकानदार खोवा और मिठाइयों का स्टॉक बढ़ाने में जुट गए हैं। लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए मिठाइयों और खोए में तरह-तरह के रसायनों का उपयोग किया जा रहा है। इसके अलावा यूरिया, मैदा समेत अन्य चीजें मिलाकर भी दूध बेचा जा रहा है। मिलावट की जानकारी होने के बाद भी खाद्य एवं औषधि विभाग मौन बना हुआ है।