ज्ञानपुर। शासन-प्रशासन की तमाम सख्ती के बाद भी परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों की लापरवाही और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार नहीं आ रहा है। बृहस्पतिवार को 20 विभाग के जिलास्तरीय अधिकारियों के निरीक्षण में अनुपस्थित 22 शिक्षक और शिक्षामित्रों का एक दिन का वेतन काट दिया गया। डीएम ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को चेताया कि कार्य में सुधार लाएं अन्यथा उन पर कार्रवाई तय की जाएगी।
जिलाधिकारी विशाख जी ने स्कूलों में शिक्षण कार्य की हकीकत एवं शिक्षा की गुणवत्ता देखने के लिए बृहस्पतिवार को 20 विभाग के अफसरों को जांच के लिए लगाया था। अधिकारी छह ब्लॉक के कई विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कहीं शिक्षक देर से पहुंचे तो कहीं बिना सूचना के ही गायब रहे। जांच रिपोर्ट आने के बाद डीएम ने संबंधित शिक्षक और शिक्षामित्रों का एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया। जांच में उप निदेशक कृषि अरविंद सिंह, डीआईओएस श्याम सरोज वर्मा समेत 20 अधिकारी लगे थे। जांच के दौरान अभोली के प्राथमिक विद्यालय हरिकरनपुर के शिक्षक जय प्रकाश मिश्र, ज्ञानपुर के प्राथमिक विद्यालय विश्वनाथपुर की शिक्षिका श्वेता जायवाल, पिलखुना की कविता यादव, औराई के कोइलरा की कंचन, पूर्व माध्यमिक कोइलरा के अनुदेशक मनीष मौर्या, प्राथमिक विद्यालय छतमी के शोभा लाल, आशीष पांडेय,नरेंद्रनाथ पांडेय, बनपुरवा के अरूण कुमार का वेतन काटने के साथ ही प्रतिकूल प्रविष्टि जारी की गई। जखांव के अनिल यादव, महाराजगंज द्वितीय की ज्ञानप्रभा, पूर्व माध्यमिक विद्यालय महाराजगंज में अदिति गुप्ता, अजयपुर में देवेंद्र कुमार, राजेश, कांवल में शाहिद, शिक्षामित्र पूनम मिश्रा , मवैयाहरदोपट्टी में संजू तिवारी,सुरियावां के मोढ़ में प्रियंका का वेतन रोका गया। जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा अधिकारी और सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को चेताया कि शिक्षण व्यवस्था में सुधार लाया जाए अन्यथा सख्त कार्रवाई होगी। बीईओ से कहा कि वह अपनी खराब कार्यशैली में परिवर्तन लाकर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाएं। खंड शिक्षा अधिकारियों से कहा कि वह अपने ब्लॉक में स्कूलों का निरीक्षण कर रिपोर्ट उपलब्ध कराएं।