वाराणसी। एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स ने मई से अब तक जिले में 25.47 हेक्टेयर जमीन कब्जामुक्त कराई है। प्रशासन ने जमीन खाली कराने की कार्रवाई तो की है लेकिन कब्जा की गई सैकड़ों बीघा सरकारी जमीन मुकदमों में फंसी हुई है। कुछ मुकदमे तहसील और कुछ अन्य न्यायालयों में चल रहे हैं। प्रशासन ने तीन महीने पूर्व जिले में जिन टॉप टेन कब्जेदारों की सूची बनाई थी, उनमें से कई ने अदालत से स्टे ले लिया है। जिले की तीनों तहसीलों में बेदखली के 48 मुकदमे लंबित हैं।
सदर तहसील में मई से अब तक जमीन अतिक्रमण की 322 शिकायतें आईं। इनमें से 277 मामलों का निस्तारण कर 8.95 हेक्टेयर सरकारी भूमि से कब्जा हटाया गया है। बेदखली के 11 मुकदमे तहसीलदार के न्यायालय में और 14 मुकदमे थानों में दर्ज कराए गए हैं। राजातालाब तहसील 409 शिकायतों में से 276 मामलों में पुलिस और प्रशासन ने अतिक्रमण हटवा कर 18.642 एयर जमीन को अवैध कब्जों से मुक्त कराया। 17 मामलों में तहसीलदार न्यायालय में बेदखली का मुकदमा और पांच मामलों में थानों में मुकदमा दर्ज किया गया है।
इसी तरह पिंडरा तहसील की रिपोर्ट के मुताबिक कुल 471 सरकारी जमीन के अतिक्रमण की शिकायतें आईं। तहसील में 19.784 हेक्टेयर सरकारी जमीन पर लोगों ने कब्जा जमाया था। इसमें कार्रवाई कर 16.520 हेक्टेयर भूमि से अतिक्रमण हटवाया गया है। तहसीलदार न्यायालय में बेदखली के 20 मुकदमे चल रहे हैं। एक मुकदमा थाने में दर्ज कराया गया है। पिछले सप्ताह ही शासन ने भू-माफिया पर कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी थी। पुलिस और प्रशासन ने टॉप टेन अवैध कब्जेदारों पर कार्रवाई की रिपोर्ट तो नहीं भेजी लेकिन इससे इतर कार्रवाई की रिपोर्ट भेज दी है।