वाराणसी। थल सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने शुक्रवार की सुबह रूद्र सूक्त से बाबा विश्वनाथ का अभिषेक किया। उन्होंने बाबा दरबार में वीर सैनिकों के साथ ही राष्ट्र की सलामती की कामना की। बाबा के दर्शन के बाद उन्होंने मंदिर परिसर को देखा और वहां के बारे में जानकारी ली। छत्ताद्वार पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि सेना हर तरह से सक्षम और किसी भी तरह की परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार है।
थल सेनाध्यक्ष सुबह 7:25 बजे अपनी पत्नी के साथ विश्वनाथ मंदिर पहुंचे। वहां गर्भगृह में मंदिर के शास्त्री राकेश पाराशर, तीर्थराज त्रिपाठी और देवेंद्र ने सविधि षोडशोपचार पूजन कराया। इसके बाद रूद्र सूक्त के सस्वर पाठ के बीच उन्होंने बाबा विश्वनाथ का रूद्राभिषेक किया। उन्होंने मंदिर की ऐतिहासिकता के बारे में यहां के कर्मियों से जानकारी ली।
थल सेनाध्यक्ष ने निर्माणाधीन गोयनका भवन परिसर भी देखा। मंदिर के कर्मचारियों ने बताया कि विस्तारीकरण योजना के तहत परिसर को चौड़ा करने के साथ ही नए निर्माण कराए जा रहे हैं। इसके बाद मंदिर परिसर में मौजूद लोगों का अभिवादन स्वीकार करते हुए वह छत्ताद्वार पहुंचे। वहां पत्रकारों से कहा कि सेना के शौर्य और साहस पर संदेह नहीं किया जाना चाहिए। सेना हर परिस्थिति का सामना करने में सक्षम और तैयार है। इससे पहले मंदिर के पर्यवेक्षक योगेंद्र गर्ग ने उन्हें अंगवस्त्रम, प्रसाद और बाबा की भस्म भेंट की।