वाराणसी। आईआईटी बीएचयू में शुक्रवार शाम छह बजे से होने वाली म्यूजिकल नाइट को आईआईटी बीएचयू प्रशासन ने तीन घंटे पहले ही रद्द कर दिया। इससे पहले बीएचयू के बिड़ला हॉस्टल के छात्रों ने आयोजन पर आपत्ति जताते हुए इसका विरोध करने का एलान किया था। करीब तीन बजे बिड़ला के छात्र आईआईटी के लिंबडी छात्रावास के सामने आयोजन स्थल के गेट पर पहुंच गए, जहां खड़े आईआईटी छात्रों से उनकी कहासुनी हो गई। देखते-देखते उनमें मारपीट होने लगी। इससे अफरातफरी मच गई। प्रॉक्टोरियल बोर्ड और पुलिस ने मौके पर पहुंच कर स्थिति संभाली। देर रात तक मामले में कोई तहरीर नहीं दी गई थी। माना जा रहा है कि विरोध के मद्देनजर ही कार्यक्रम रद्द करने का निर्णय लिया गया लेकिन आईआईटी प्रशासन परीक्षाओं के नजदीक होने का हवाला दे रहा है।
म्यूजिकल नाइट ‘मिस्टिक’ को रोकने के लिए बिड़ला छात्रावास से समाजवादी छात्रसभा बीएचयू इकाई के अध्यक्ष आशुतोष सिंह के नेतृत्व में छात्र करीब तीन बजे आयोजन स्थल राजपूताना ग्राउंड पहुंच गए थे। आयोजन पर आपत्ति के साथ उन्होंने आरोप लगाया कि आयोजन में बड़ी संख्या में बाहरी असामाजिक तत्वों का जमावड़ा होता है। कहा, ऐसे आयोजन महामना के सिद्धांतों के विपरीत है। इस पर रोक लगनी चाहिए। कार्यक्रम रोकने के लिए आशुतोष ने छात्रों को मेसेज भेजकर आयोजन स्थल के पास बुलाया था।
यहां पहुंचे छात्रों ने विरोध शुरू कर दिया। इस पर आईआईटी छात्रों से उनकी नोंकझोंक भी हुई। आईआईटी प्रॉक्टोरियल बोर्ड के दो अधिकारियों की मौजूदगी में एक सदस्य ने कैमरे में पूरी घटना को रिकार्ड कर लिया। बीएचयू छात्रों ने इसका विरोध किया। आरोप है कि इसी बीच छात्रों के दोनों गुटों में मारपीट होने लगी। जानकारी होने पर चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह कुछ देर बाद सुरक्षा गार्डों संग पहुंची। इस बारे में निदेशक प्रो. राजीव संगल ने कहा कि सांस्कृतिक आयोजन को बेवजह मुद्दा बना कर असामाजिक तत्वों ने आयोजन स्थल पर छात्रों और सुरक्षा व्यवस्था में लगे लोगों से अभद्रता की। एसएसपी से बात हुई है। अराजकता फैलाने वालों पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। आयोजन में लगे छात्रों और चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह को भी दी जा चुकी थी।