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अब सीबीआई जांच के लिए लामबंदी

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वाराणसी। लखनऊ में गोमती रिवर फ्रंट की तरह वरुणा कॉरिडोर की भी सीबीआई जांच की मांग जोर पकड़ने लगी है। नदी और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संगठन इसके लिए लामबंद होने लगे हैं। उनका कहना है कि रिवर फ्रंट डेवलपमेंट के नाम पर बनाई गई करोड़ों की वरुणा कॉरिडोर योजना में कई बुनियादी खामियां हैं। इसके अलावा जिस तरह मनमाने तरीके से ड्रेजिंग और निर्माण के नाम पर करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा दिए गए, उसकी छानबीन होनी चाहिए।
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संगठनों का कहना है कि नदी संरक्षण और सीवर गिरने से रोकने की कार्ययोजना को अमल में लाए बिना आनन-फानन में कॉरिडोर के नाम पर करोड़ों रुपये खपा दिए गए। तत्कालीन सरकार और योजना से जुड़े विभागों के जिम्मेदारों ने रकम खपाने के लिए आखिर इतनी जल्दबाजी क्यों दिखाई। अब तक 40 फीसदी ही काम हो पाया है तो निकाली गई 70 फीसदी रकम कहां गई, इन सभी बिंदुओं की छानबीन के लिए सीबीआई जांच जरूरी है। सीबीआई जांच के मसले पर जल्द ही नदी और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संगठनों की संयुक्त बैठक आयोजित करने की तैयारी है। बता दें कि 201 करोड़ रुपये की वरुणा कॉरिडोर योजना में 125 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। बाकी बचे रुपये की डिमांड शासन से की गई है। अब तक केवल मॉडल कार्य के नाम पर शास्त्री घाट के आसपास विकास किया गया है। बाकी हिस्सों में कहीं ड्रेजिंग तो कहीं तटबंध का काम जारी है।
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