इनके पास प्रदूषण नियंत्रण विभाग की एनओसी भी नहीं है। वाराणसी के 270, जौनपुर के 362, गाजीपुर के 299, चंदौली के 101 और भदोही के 168 ईंट-भट्ठे शामिल हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी कालिका सिंह ने बताया कि सभी 270 भट्ठों को रजिस्टर्ड डाक से नोटिस भेजा गया है। अक्तूबर, नवंबर से सभी भट्ठों पर लीगल नोटिस भी चस्पा किया जाएगा। मानकों का पालन करने वालों को लीगल ओपिनियन के बाद मौका दिया जाएगा।
पीएनजी से चलेंगे ईंट-भट्ठे
शासन की मंशा है कि जो ईंट-भट्ठे संचालित होंगे, वह एनजीटी की गाइडलाइन के अनुसार नए मानकों पर होंगे। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को इन सभी मानकों का पालन सुनिश्चित कराने के बाद ही संचालन की अनुमति देनी होगी। अब सभी ईंट-भट्ठों को पीएनजी गैस से संचालित किया जाना है। बनारस में भी कुर्छ ईंट-भट्ठा मालिकों ने इसकी शुरुआत कर दी है। नई तकनीकी से चलने वाले ईंट-भट्ठों से पर्यावरण प्रदूषण कम होने के साथ ही प्राकृतिक संसाधनों का दोहन बंद हो जाएगा।