वाराणसी। जब परमात्मा का जाप करेंगे तब भगवान की कृपा होगी। यह वक्तव्य प्रयागराज में आयोजित कुंभ में स्वामी अड़गड़ानंद ने प्रवचन के दौरान कहा। उन्होंने कहा कि पूंजी के लिए मन कर्म और वचन से विप्र अर्थात संतों की सेवा करनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि गुरु का आशीर्वाद अगर फलीभूत हुआ तो लोगों को मोक्ष प्राप्त हो जाता है। सांसारिक हार जीत तो लगी रहती है लेकिन कालबलि पर विजय प्राप्त करना वास्तविक विजय है। भगवान बैकुंठ से भागकर नहीं आना पड़ता है, बल्कि वे सभी के हृदय में निवास करते हैं। श्रद्धा समर्पण के साथ सुमिरन करने पर भगवान की कृपा बरसने लगती है। स्वामी महाराज ने कहा कि मनुष्य को गुरु ढूंढने की आवश्यकता नहीं है, परमात्मा का सुमिरन करने से ही गुरु मिल जाते हैं। मानव मात्र को धर्म शास्त्र में यथार्थ गीता के अनुसार नाम का जप करना चाहिए। इस मौके पर गुलाब महाराज, चिंतनमयानंद जी, भावानंद, कैलाश महाराज, राजेश्वरानंद सहित कई लोग उपस्थित रहे।