वाराणसी। 15वें प्रवासी भारतीय दिवस के उपलक्ष्य में तीन दिवसीय आयोजन के दौरान प्रवासियों का भारत से रिश्ता और मजबूत हुआ है। नए भारत के निर्माण में प्रवासियों की अहम भूमिका और उनके लिए किए जा रहे कामों के जिक्र से दुनिया भर में नाम कमा रहे भारतवंशियों का नाता भी जुड़ा। अलग-अलग सात प्लेनरी सेशन के जरिए उन्हें देश में हो रहे बदलाव से रूबरू कराया तो उनके विचारों को भी आत्मसात किया गया। उधर, काशी आतिथ्य के जरिए भी प्रवासियों के बीच नई छवि बनाने की कोशिश हुई, ताकि आने वाले समय में पर्यटन के क्षेत्र में इसका लाभ मिल सके।
तीन दिवसीय भव्य आयोजन के जरिये दुनिया भर से आए मेहमानों को भारत की नई तस्वीर दिखाई गई। सौर ऊर्जा, भारत में अवसर और चुनौतियां, वेस्ट मैनेजमेंट, कृत्रिम अभिसूचना, सायबर क्षमता में वृद्धि सहित अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रवासियों से विचार विमर्श किया गया। इसके जरिए यहां के प्रयासों और दुनिया में किए जा रहे कामों को समझा गया। ओडीओपी सहित अन्य प्रदर्शनियों के जरिए उत्तर प्रदेश की छवि तेजी से विकसित होने वाले प्रदेश के रूप में बनाने का प्रयास किया गया। विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी का कहना है कि प्रवासी भारतीय दिवस के आयोजनों का दूरगामी परिणाम मिलता है। इस बार का आयोजन भव्य होने से प्रवासियों का रुख भारत की ओर बढे़गा। काशी आतिथ्य से न सिर्फ प्रवासियों से दिल का रिश्ता बना है, बल्कि वह यहां आने के लिए विदेशों में बसे लोगों को प्रेरित भी करेंगे। ऐसे में यहां के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।