वाराणसी। बीएचयू कृषि विज्ञान संस्थान में चल रहे सांस्कृतिक उत्सव सृष्टि का तीसरा दिन सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं के नाम रहा। गायन, नृत्य की प्रस्तुतियों से जहां भावी कृषि वैज्ञानिकों ने दर्शकों का दिल जीत लिया, वहीं नाटक में स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत और कन्या भ्रूण हत्या को रोकने का संदेश देते हुए लोगों से आगे आने की अपील की। अंतिम दिन गुरुवार को भी सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं होंगी।
स्वतंत्रता भवन में छात्र सलाहकार डॉ. कल्याण घड़ेई के निर्देशन में तीसरे दिन के कार्यक्रम की शुरूआत एकल गायन प्रतियोगिता से हुई। इसमें प्रतिभागियों ने अपनी सुरीली आवाज में गायन प्रस्तुत किया तो दर्शकों ने भी ताली बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया। इसके बाद समूह देशभक्ति गीत प्रतियोगिता में ‘देश मेेरे-देश मेरे मेरी जान है तू...’ गीत से लेकर ‘दिल दिया है जान भी देंगे ऐ वतन तेरे लिए...’, मां तुझे सलाम जैसे देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति कर देश की आजादी के खातिर शहीद होने वाले वीर सपूतों को याद किया। इसके बाद नाटक प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने खुले में शौच न करने, कन्या भ्रूण हत्या, स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के प्रति जागरूक किया। इस दौरान निदेशक प्रो. रमेश चंद, प्रो. राम केवल के साथ ही भाग्यश्री प्रधान, आकर्ष पांडेय, गुंजन, विशाल, वेदांत पाटिल, पवन पटेल आदि मौजूद रहे।
सांस्कृतिक महोत्सव के तीसरे दिन गायन प्रतियोगिता में जूना थापा ने पहला स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता में ललित पांडेय दूसरे, सिद्धांत मिशरा तीसरे स्थान पर रहे। उधर, समूह गायन में सौम्यनेत्रा की टीम को पहला, आयुष सिंघानिया की टीम को दूसरा और नेहा कुमारी की टीम को तीसरा स्थान मिला। सृजनात्मक नृत्य में अनामिका प्रजापति ने पहला स्थान प्राप्त किया। इस प्रतियोगिता में विनय और शालू ने क्रमश: दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त किया।