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रैली से पहले ही शुरू हो गई किलेबंदी

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वाराणसी। गाजीपुर में 29 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राजभर रैली को लेकर भाजपा और सुभासपा अपने-अपने वोट बैंक को सहेजने में जुट गई है। रैली को सफल बनाने के लिए भाजपा के स्वतंत्र प्रभार के राज्यमंत्री अनिल राजभर तैयारियों में जोर-शोर से जुट गए हैं वहीं सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर अपना किला बचाने की जुगत में हैं।
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ओमप्रकाश आरक्षण को तीन भागों में बांटने के लिए भाजपा पर लगातार दबाव बनाए हुए हैं। उनकी पार्टी का दावा है कि राजभरों को सुहेलदेव के नाम पर डाक टिकट जारी कर झुनझुना पकड़ाया जा रहा है, जबकि सपा से भाजपा में शामिल अनिल की विश्वसनीयता को लेकर राजभर समाज निश्चिंत नहीं है। हालांकि अनिल पूरे पूर्वांचल में जनसंपर्क कर राजभरों को एकजुट कर रहे हैं।
वाराणसी के अलावा गाजीपुर, बलिया, सोनभद्र, मिर्जापुर, आजमगढ़, मऊ, जौनपुर और भदोही जिलों में इनकी संख्या 12 लाख से अधिक है। 40 विधानसभा और 10 लोकसभा सीटों पर इनके वोटों का असर पड़ता है। इसका प्रमाण विधानसभा चुनाव में दिखाई पड़ा। यही कारण रहा भाजपा ने सुभासपा से गठबंधन कर पूर्वांचल की अधिकतर सीटों पर कब्जा किया था।
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ओमप्रकाश मंत्री पद छोड़ें: नारायण
भारतीय समाज दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष नारायण राजभर ने कहा कि ओमप्रकाश राजभर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ बयान देकर समाज को मूर्ख बना रहे हैं। मछोदरी पार्क में हुई बैठक में उन्होंने कहा कि ओमप्रकाश वास्तव में समाज का भला चाहते हैं तो कैबिनेट मंत्री पद से इस्तीफा दे दें। कहा, दूसरी ओर भाजपा का ओमप्रकाश के बयानों पर मौन रहना सिद्ध करता है कि वह भी राजभरों को मूर्ख बना रही हैं। बैठक में संजय बजाज, रामबिलास राजभर, नंदलाल राजभर और जीतू शामिल रहे।
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