वाराणसी। चिंतक एवं विचारक केएन गोविंदाचार्य ने कहा कि काशी संस्कृतिदायनी है। इसकी विशिष्टिता का प्रस्तुतीकरण होना चाहिए। क्योटो बनाने से काशी की दिव्यता का अवमूल्यन होगा। काशी में 12 ज्योतिर्लिंग, 64 योगिनियां और 56 विनायक हैं। इन्हें और विकसित करने और हेरिटेज में शामिल करने की जरूरत है।
बीएचयू शिक्षा संकाय के कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि आए गोविंदाचार्य ने अमर उजाला से हुई बातचीत में एससी/एसटी एक्ट पर कहा कि सामाजिक एकता का संतुलन जरूरी है। धीरे-धीरे चलो की नीति अपनानी होगी। हड़बड़ाने की नीति से लाभ नहीं होगा। राम मंदिर से जुड़े सवाल पर कहा कि इसके लिए अब जाकर देश में माहौल बना है। कहा कि भूमि अधिग्रहण के लिए सरकार को पक्षकार बनकर अपनी बात रखनी चाहिए। जमीन अधिग्रहण जायज है। नीयत पक्की होनी चाहिए। नमाज के लिए मस्जिद जरूरी नहीं है। आरक्षण के सवाल को टालते हुए कहा कि अभी समय नहीं आया है इस पर बाद में बोलूंगा।
- सार्वभौमिक धर्म एवं शिक्षा पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन शुरू
- काशी हिंदू विश्वविद्यालय के शिक्षा संकाय के सौ वर्ष हुए पूरे
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के शिक्षा संकाय के 100 वर्ष पूरे होने पर कमच्छा स्थित शिक्षा संकाय के चाणक्य सभागार में सार्वभौमिक धर्म एवं शिक्षा पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन शुक्रवार को शुरू हुआ। इसमें बतौर अध्यक्ष तीन विश्वविद्यालयों के कुलपति रह चुके प्रो. डीपी सिंह ने कहा कि पूर्व छात्रों को अपनी मातृ संस्था के संचालन व विकास में योगदान देना चाहिए। भारत में इस तरह के प्रयास शुरू हो गए हैं।
इस मौके पर स्मारिका और डीवीडी का विमोचन किया गया। इस दौरान बीएचयू एल्युमनी एसोसिएशन ऑफ एजूकेशन की ओर से जय गोविंद राय सम्मान डा. सत्यप्रकाश सिंह और राजेश्वर उपाध्याय सम्मान डा. आभा अग्रवाल को दिया गया। स्वागत भाषण एवं संचालन प्रो. सुनील कुमार सिंह और धन्यवाद ज्ञापन प्रो. गीता राय ने किया। इस मौके पर शिक्षा संकाय प्रमुख प्रो. आरपी शुक्ल, प्रो. वीके त्रिपाठी, प्रो. मीनाक्षी सिंह, प्रो. प्रियंका आदि ने भी अपने विचार रखे।
मैन मेकिंग एजूकेशन जरूरी: स्वामी वरिष्ठानंद
पहले दिन तकनीकी सत्र में रामकृष्ण मिशन के स्वामी वरिष्ठानंद ने कहा कि मैन मेकिंग एजूकेशन की अत्यंत आवश्यकता है। इसकी अध्यक्षता प्रो. आरपी शुक्ल ने की। प्रतिभागियों ने शोध पत्र व आलेख प्रस्तुत किए। प्रो. पीएन सिंह, प्रो. प्रेमशंकर राय आदि मौजूद रहे। अंतिम सत्र में प्रो. राजेश्वर उपाध्याय स्मृति व्याख्यान सामाजिक समरसता केंद्र नई दिल्ली के निदेशक एमडी थामस ने ईसाई धर्म में सार्वभौमिकता के तत्वों पर प्रकाश डाला। 16वीं एल्युमनी में वार्षिक लेखा जोखा संगठन के महासचिव डा. आरएन शर्मा ने प्रस्तुत किया।
सांस्कृतिक संध्या में लघु नाटिका ने जीता दिल
सांस्कृतिक संध्या में शिक्षा संकाय के विद्यार्थियों ने लघु नाटिका, लोकगीत व लोक गायन के द्वारा दर्शकों का दिल जीत लिया। इसमें डा. के सुब्रमण्यम के अलावा कंबोडिया, अमेरिका के साथ-साथ भारत के 17 राज्यों से लगभग 350 प्रतिभागी व विद्वतजनों ने हिस्सा लिया।