वाराणसी। देश की सुपर लग्जरियस ट्रेनों में सफर का सपना पूरा हो सकेगा। महाराजा एक्सप्रेस और पैलेस ऑन ह्विल्स जैसी लक्जरी टूरिस्ट ट्रेनों में पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के लिए किराए में कमी लाने की कवायद चल रही है। रेलवे ने अपने हॉलेज शुल्क को आधा कर दिया है। इसके अलावा कई और प्रयास किए जा रहे हैं। हाल ही में रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष अश्वनी लोहानी ने दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान यह संकेत दिए हैं।
देश में पांच लग्जरी ट्रेनें महाराजा एक्सप्रेस, गोल्डन चैरियट, रॉयल राजस्थान ऑन ह्वील्स, डेक्कन ओडिशी तथा पैलेस ऑन ह्वील्स संचालित होती हैं। रेल अधिकारियों की मानें तो हॉलेज शुल्क घटाने के साथ ही रेलवे बोर्ड ने राज्य पर्यटन निगमों को लक्जरी टूरिस्ट ट्रेनों का किराया घटाने तथा छोटे तथा आकर्षक टूर पैकेज तैयार करने का सुझाव मंत्रालय ने दिया है। हॉलेज शुल्क घटाने का निर्णय संसदीय समिति की रिपोर्ट पर लिया गया है। जिसके अनुसार 2012-13 से 2016-17 के पांच सालों में पांचों लक्जरी टूरिस्ट ट्रेनों का यात्री प्रतिशत 30-36 के बीच रहा। यात्री प्रतिशत बढ़ाने के लिए समिति ने इन ट्रेनों के लंबे व महंगे यात्रा पैकेजों को छोटा व किफायती बनाने तथा मुफ्त कांप्लीमेंट्री पास बंद करने का सुझाव दिया गया है।
यह है हॉलेज शुल्क
टूरिस्ट ट्रेन चलाने वाली एजेंसियों से जो शुल्क रेलवे लेता है उसे हॉलेज शुल्क कहते हैं। अपने आधारभूत ढांचे और स्टाफ के उपयोग के लिए यह शुल्क लिया जाता है। इनमें रेलवे के साथ साझेदारी पर लग्जरी टूरिस्ट ट्रेेनें चलाने वाले विभिन्न राज्यों के पर्यटन निगम शामिल हैं जो रेलवे के साथ साझेदारी में लक्जरी टूरिस्ट ट्रेनें चलाते हैं। इनसे होने वाली आमदनी का आधा हिस्सा रेलवे को मिलता है।
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष अश्वनी लोहानी इसके लिए प्रयास कर रहे हैं। फिलहाल बोर्ड स्तर पर अभी ऐसा कोई निर्देश नहीं आया है।-सिद्धार्थ सिंह, आईआरसीटीसी पीआरओ