वाराणसी। उदय प्रताप कॉलेज में बौद्धिक संपदा अधिकार विषय पर कार्यशाला आयोजित हुई। समारोह के मुख्य अतिथि वाराणसी मंडल के संयुक्त आयुक्त उद्योग उमेश सिंह ने कहा कि वाराणसी परिक्षेत्र में लघु उद्योग को बढ़ावा देने तथा यहां की पुरानी कलाओं के संरक्षण के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। कलाकारों तथा शिल्पियों की समस्याओं के समाधान के लिए होने वाले कार्यों की भी जानकारी दी।
जीआई विशेषज्ञ डॉ. रजनीकांत ने कहा जीआई पंजीकरण कराने के इससे जुड़े शिल्पियों, बुनकरों तथा लघु उद्यमी का पलायन रुका है। रोजगार के लिए नए साधन सृजित हुए हैं। जीआई के बाद बाजार में शुद्ध उत्पाद उपभोक्ताओं को उचित दर पर उपलब्ध होंगे और उससे जुड़े शिल्पकारों तथा उद्यमियों को उचित लाभ मिलेगा। इस अवसर पर वक्ताओं ने हस्त निर्मित बनारसी साड़ी, भदोही की कॉलीन, बनारसी लकड़ी के खिलौने, गुलाबी मीनाकारी के बारे में छात्र, छात्राओं को विस्तृत रूप से अवगत कराया। कार्यशाला की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. विजय बहादुर सिंह ने किया। इस अवसर पर डॉ. सुधीर शाही, डॉ. दिवाकर सिंह, डॉ. शशिकांत द्विवेदी, डॉ. अजय कुमार सिंह, डॉ. रमेशधर उपस्थित रहे। धन्यवाद डॉ. गरिमा सिंह व संचालन डॉ. सुनंदा दूबे ने किया।