ज्ञानपुर। सबरी संकल्प मिशन अभियान के तहत जिले के 22 हजार कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों के परिवारों की दशा प्रशासन सुधारेगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग, जिला पंचायत राज विभाग, आईसीडीएस, पूर्ति विभाग और ग्राम्य विकास समेत पांच विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये सभी विभाग अपने-अपने स्तर से इन परिवारों को सभी मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराएंगे।
कुपोषण को भगाने के लिए शासन की ओर से तमाम योजनाएं चलाई जा रही हैं लेकिन वे धरातल पर पूरी तरह प्रभावी नहीं हो पातीं। सूबे में भाजपा की सरकार बनने के बाद सबरी संकल्प अभियान के तहत कुपोषित बच्चों संग उनके परिवारों की स्थिति बेहतर करने की पहल शुरू की गई। सबरी संकल्प मिशन में पांच विभागों को शामिल किया गया है। स्वास्थ्य विभाग कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों संग उनके परिवार का स्वास्थ्य परीक्षण कर टीकाकरण और दवाइयां उपलब्ध कराएगा। पूर्ति विभाग राशन कार्ड बनवाने से लेकर इन परिवारों को खाद्यान्न की व्यवस्था कराएगा। जिला पंचायतीराज विभाग शौचालय एवं साफ-सफाई तो ग्राम्य विकास विभाग आवासीय सुविधाएं मुहैया कराएगा। वहीं, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग ऐसे परिवारों को पोषाहार की सुविधा देगा।
आंकड़ों के अनुसार जिले में करीब 30 हजार कुपोषित और अति कुपोषित बच्चे हैं। इनमें तीन साल तक के बच्चों के परिवारों की स्थिति सुधारने की पहल होगी। इनमें 14, 538 कुपोषित और 8165 अति कुपोषित बच्चे हैं। जिले के छह विकास खंडों में जीरो से तीन वर्ष के मुख्य विकास अधिकारी हरिशंकर सिंह ने कहा कि सबरी संकल्प मिशन अभियान को सफल बनाने के लिए पांच विभागों को जिम्मेदारी दी गई है। संबंधित विभाग अपने स्तर से कार्यों को पूर्ण करेंगे। शासन की महत्वपूर्ण योजना में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।