वाराणसी। प्लास्टिक उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी शुक्रवार को यहां प्लास्ट इंडिया की ओर से दी जाएगी। इसके लिए कैंटोनमेंट स्थित एक होटल में कार्यशाला का आयोजन होगा। कार्यशाला के दौरान इस उद्योग में संभावनाओं और अवसरों के बारे में बताया जाएगा। यह जानकारी बुधवार को यहां ‘प्लास्ट इंडिया’ के वाराणसी अध्यक्ष शिवम बंसल और जगदीश झुनझुनवाला ने दी।
उन्होंने बताया कि प्लास्टिक उद्योग को बढ़ावा देने के लिए वाराणसी में सरकार केंद्रीय प्लास्टिक अभियंत्रण एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (सीपेट) की शाखा स्थापित करने पर विचार कर रही है। गुजरात के वलसाड़ में प्लास्ट इंडिया फाउंडेशन की ओर से प्लास्ट इंडिया विश्वविद्यालय भी स्थापित किया जा रहा है। बताया कि 15 दिसंबर को यहां कार्यशाला के जरिए वाराणसी में प्लास्टिक उद्योग के विकास की संभावनाओं पर चर्चा होगी। कहा कि भारत सरकार प्लास्टिक उद्योग को बढ़ाना चाहती है। आने वाले समय में इस उद्योग में निवेश बढ़कर दो लाख करोड़ रुपये होने की संभावना है। बताया कि पॉलीथिन और प्लास्टिक में फर्क के प्रति लोगों में जागरूकता जरूरी है। प्लास्टिक पर्यावरण अनुकूल है और इसका रिसाइकिल भी आसान है। बताया कि जनता में जागरूकता के लिए गुजरात के गांधीनगर में सात से 12 फरवरी तक प्लास्ट इंडिया प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। इसमें दुनिया भर के प्लास्टिक उद्योग के जानकार शामिल होंगे। नई तकनीक, मशीनरी प्लास्टिक, उद्योग विकास की नई जानकारियां भी मुहैया कराई जाएंगी।