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सूर्य की तरह आलोकित करते हैं शास्त्र : अश्विनी चौबे

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वाराणसी। अखिल भारतीय विद्वत परिषद के अलंकरण समारोह और अंतरराष्ट्रीय शोध संगोष्ठी में शनिवार को 50 से अधिक विद्वानों को सम्मानित किया गया। ‘शास्त्र तथा समाज’ विषयक परिचर्चा में विद्वानों ने विचार व्यक्त किए। प्रो. भगवत शरण शुक्ल ने समाज निर्माण में शास्त्र की भूमिका रेखांकित की। इस दौरान यह निर्णय लिया गया कि विद्वत परिषद इस विषय पर ग्रंथ प्रकाशित करेगा।
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विद्वत अलंकरण समारोह का शुभारंभ विद्वानों के मंगलाचरण से हुआ। मुख्य अतिथि केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि शास्त्र हमें सूर्य की तरह आलोकित करते हैं। विशिष्ट अतिथि बिहार के उद्योग एवं विज्ञान प्रौद्योगिकी मंत्री जय कुमार सिंह ने कहा कि शास्त्र बताते हैं कि सत्य ही नहीं प्रिय सत्य बोलना चाहिए। विशिष्ट अतिथि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने कहा कि शास्त्र और समाज एक-दूसरे के पूरक हैं। विश्व के सभी देशाें में संविधान की रचना वहां के लोकजीवन तथा मान्यताआें के आधार पर हुई है।
परिषद के राष्ट्रीय महासचिव आचार्य कामेश्वर उपाध्याय ने विद्वत परिषद की गतिविधियों तथा उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर देश-विदेश से आए मूर्धन्य विद्वानों ने विचार व्यक्त किए। परिषद की ओर से ‘उपनिषद त्रयी’ और ‘शतपथ जीवन’ पुस्तकों का विमोचन किया गया। संचालन अपराजिता ने किया तथा अध्यक्षता प्रो. जयशंकर लाल त्रिपाठी ने की। धन्यवाद ज्ञापन प्रो. टीपी चतुर्वेदी ने किया। विद्वानों का स्वागत प्रो. रामपूजन पांडेय ने किया।
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सम्मानित किए गए विद्वान
नारायणचार्य महाराज का अग्रपूजन किया गया और संतश्री उपाधि से विभूषित किया गया। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नागेश्वर राव को शिरोमणि सम्मान तथा ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एसके सिंह को विद्वदभूषण सम्मान प्रदान किया गया। प्रो. एस रंगनाथ तथा प्रो. इच्छा राम द्विवेदी को ‘महामहोपाध्याय’ सम्मान दिया गया। प्रो. मंजुला चतुर्वेदी को कला सरस्वती तथा डॉ. ममता टंडन को नृत्य शारदा उपाधि से विभूषित किया गया। पं. गोपाल कृष्ण शुक्ल को वेदविद्याविभूषण तथा पं. श्रेयस श्रीधर कोरान्ने को वैदिक तिकल सम्मान दिया गया। इसी प्रकार रमेश बहादुर सिंह, ब्रह्मश्री महादेव घनपाठी, प्रो. श्रीकृष्ण शर्मा, प्रो. मारुति नंदन प्रसाद तिवारी, प्रो. जगदीश प्रसाद सेमवाल, प्रो. राधाकांत ठाकुर, प्रो. रवींद्र अंबा दास मुले, डॉ अजय कुमार मिश्र, डॉ. युवराज भट्टराई, डॉ. सुनील एस सांबरे, प्रो. किरण शर्मा, अजयेंद्र कुमार दूबे, प्रो. रमाशंकर त्रिपाठी, डॉ. वेणीमाधव शास्त्री जोशी, प्रो. गुरुचरण सिंह, डॉ. नागेंद्र तिवारी, डॉ. नंद जी ओझा, आचार्य श्रीराम पांडेय, डॉ. ओम प्रकाश तिवारी, विजय प्रकाश मिश्र, शिव बहादुर सिंह, पं. नर्दमेश्वर तिवारी, डॉ. विष्णुपद महापात्र को सम्मानित किया गया। डॉ. देवेंद्र प्रसाद मिश्र, डॉ. रमाकांत पांडेय, डॉ. के चंद्रमौली, डॉ. मधुमिता भट्टाचार्य, डॉ. त्रिलोचन प्रधान, डॉ. गायत्री प्रसाद पांडेय, डॉ. पवन कुमार शास्त्री को भी सम्मानित किया गया। युवा प्रतिभा सम्मान से डॉ. प्रांजल दीखा, डॉ. दीप्ति जिंदल, आचार्य दुर्गेश कुमार पांडेय, डॉ. योगेश कुमार चतुर्वेदी, डॉ. दुर्गेश मणि त्रिपाठी, सुमन कुमार सिंह को नवाजा गया।
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