आजमगढ़। चेहल्लुम के मौके पर शुक्रवार को लोगों ने इमाम चौक पर नियाज फातिहा कराकर कर्बला के शहीदों को खिराजे अकीदत पेश किया। सभी इमाम चौक पर बैठाए गए ताजिए सायं पांच बजे उठाए गए। जो मुख्य चौक पर लाए गए। मुख्य चौक पर कटरा, जमा मस्जिद, कोट और पहाड़पुर के अखाड़े एक साथ तलवार, भाला, लाठी से हैरतअंगेज करतब दिखाए। चारों अखाड़ों के साथ सभी ताजिए कर्बला तक गए, जहां देर रात दफन किए गए।
कोट अखाड़ा ताजियों के साथ बाजबहादुर मुहल्ले से निकलकर टेढिय़ा मस्जिद होते हर्रा की चुंगी, वहां से कोट चौराहा। कोट से राजा साहब के किला। वहां से वापस कोट होते तकिया, तकिया से पुरानी कोतवाली से चौक आया। इसी प्रकार पहाड़पुर अखाड़ा पांडेय बाजार पानी टंकी होते शिब्ली कालेज से पहाड़पुर चौराहा होते तकिया आया। यहां अखाड़े के खिलाडिय़ों ने करतब दिखाए। अखाड़ा तकिया से पुरानी कोतवाली होते मुख्य चौक पर आया। उधर जामा मस्जिद का अखाड़ा खेलते हुए कटरा पहुंचा। कटरा अखाड़ा और जामा मस्जिद अखाड़ा दोनों साथ-साथ खेलते हुए बदरका, कुंदीगढ़ से पुरानी सब्जीमंडी, जामा मस्जिद से तकिया, कोट होते राजा साहब का किला गया। किले से पुन: कोट होते दलालघाट, पुरानी कोतवाली होते मुख्य चौक पहुंचा। मुख्य चौक पर सभी ताजियों के साथ काटरा, जामा मस्जिद अखाड़ा एक तरह तो दूसरी तरह कोट और पहाड़पुर अखाड़े रहे। दो-दो अखाड़ों के बीच मुकाबला हुआ। चारों अखाड़े के खिलाडिय़ों मुख्य चौक पर देर शाम तक लाठी, तलवार, भाला, गड़सा और आग का हैरतअंगेज कारनामा दिखाकर लोगों को हैरतअंगेज कर दिया। चौक से सभी अखाड़ों के साथ ताजिया को कर्बला लाया गया। जहां सभी ताजिए देर रात को दफन किए गए।
या अली या मौला की सदाओं से गूंजा क्षेत्र
मेजवां। कर्बला में शहीद इमाम हुसैन की याद में फूलपुर तहसील क्षेत्र के चमावां गांव में अंजुमन फरोगे अजा की ओर से चेहल्लुम का जुलूस गमगीन माहौल में निकाला गया। इस दौरान या अली मौला की सदा से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। जूलूस का समापन देर शाम र्कबला में ताजिया दफन कर किया गया। इसी क्रम में दसमड़ा, माहुल, डिघियां, पवई, मित्तूपुर, बिजहर, खपडागांव, समैसा, कन्दरी, कुशलगांव, मकसूदन चक, मुरादाबाद, मेजवां आदि स्थानों पर चेहल्लुम का जुलूस अकीदत के साथ निकाला गया। जुलूस के साथ अंजुमने हजरत अब्बास का अलम लेकर चल रही थी।