वाराणसी। संगीत तीर्थ कबीरचौरा में निर्माणाधीन ‘हेरिटेज वॉक’ की गड़बड़ियों को दुरुस्त कराने के लिए गुरुवार को अहम पहल हुई। इंटेक, जलकल और नगर निगम के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने कार्य स्थलों का निरीक्षण कर न सिर्फ मौके की हालत देखी बल्कि स्थानीय नागरिकों से उनकी समस्याएं भी जानीं। सीवेज, चौका री-सेट कराने के अलावा लोगों ने मांग की कि जो अहम गलियां छूट गई हैं, उन्हें भी ‘हेरिटेज वॉक’ में शामिल किया जाए। संयुक्त टीम ने निर्णय लिया कि रबरमोल्डेड इंटरलॉकिंग अब सिर्फ चौड़ी गलियों में कराई जाएगी। संकरी गलियों में पहले की तरह पत्थर के चौके बिछाए जाएंगे। सीवेज लाइन की नए सिरे से मरम्मत कराई जाएगी। इसका प्रस्ताव जलकल तैयार करेगा।
हेरिटेज सिटी डेवलपमेंट एंड आग्मेंटेशन योजना (हृदय) के तहत 2.51 करोड़ की लागत से कबीरचौरा-पिपलानी कटरे के बीच हेरिटेज वॉक बनाया जा रहा है। इंटेक के टेकिभनकल डायरेक्टर धर्मेंद्र मिश्रा, नगर निगम के एक्सईएन अरविंद श्रीवास्तव, संतोष पांडेय और जलकल के एक्सईएन राम कैलाश निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। स्थानीय लोगों ने सबसे अधिक सीवेज से जुड़ी शिकायतें कीं। इस पर तय हुआ कि सीवेज लाइन की मरम्मत कराए जाने के साथ ही जिन संकरी गलियों में रबरमोल्डेड इंटरलॉकिंग कराई गई है, उसे हटाकर चौके लगाए जाएंगे। हालांकि चौड़ी गलियों में सीवेज और पानी निकासी के इंतजामों के साथ रबरमोल्डेड इंटरलॉकिंग कराई जाएगी। नगर निगम के एक्सईएन अरविंद श्रीवास्तव ने बताया कि सर्वे में जो समस्याएं सामने आई हैं उन्हें निगरानी कमेटी के सामने रखा जाएगा। वहां से निर्णय के बाद उसे केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय को भेज दिया जाएगा। हेरिटेज वॉक में अनियमितताओं के खिलाफ पिछले दिनों पद्मभूषण पंडित राजन-साजन मिश्र के धरने पर बैठने के बाद समस्याओं के समाधान के लिए निगरानी समिति का गठन किया गया था। निरीक्षण के दौरान डॉ. रवींद्र सहाय, प्रेमनाथ मिश्रा, एसके श्रीवास्तव, राजाराम यादव, अजय द्विवेदी, नरेंद्र मिश्रा आदि मौजूद रहे।