वाराणसी। लंका थाना अंतर्गत डाफी टोल प्लाजा के समीप गुरुवार की रात अंधाधुंध फायरिंग हुई। संयोग ही था कि रायफल और पिस्टल से निकली गोलियों से कोई हताहत नहीं हुआ। डाफी पुलिस चौकी के समीप सरेराह फायरिंग से इलाके में दहशत फैल गई। टोल प्लाजा पर जाम होने के कारण जल्दी पास नहीं मिलने पर बसपा का झंडा लगाए दो फार्चूनर और एक सफारी में सवार लोग बेकाबू हो गए। आगे खड़ी सफारी के मालिक और चालक को रायफल की बट से पीटने लगे और कहा कि ‘तुम दोनोें जानते नहीं, पीछे फार्चूनर में गाजीपुर का डॉन अतुल राय बैठा है।’ टोल कर्मी और अन्य वाहनों के चालकोें के साथ ही ईंट मंडी के लोग बचाव में दौड़े तो खुद को घिरता देख उन्होंने अंधाधुंध फायरिंग की और भाग निकले। पीड़ित सफारी मालिक ने घटनास्थल से रायफल के पांच खोखे एकत्र कर पुलिस को सौंपा है।
घटना को लेकर लंका थाने में मऊ सदर विधायक मुख्तार अंसारी के करीबी गाजीपुर निवासी बसपा नेता और पूर्व विधानसभा प्रत्याशी अतुल राय और 12 अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का प्रयास बलवा सहित अन्य आरोपों में सर्वेश तिवारी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
रोहनिया के बेटावर निवासी ईंट भट्ठा मालिक सर्वेश तिवारी गुरुवार की रात रामनगर की ओर से सफारी से घर आ रहे थे। डाफी टोल प्लाजा पर जाम में उनकी सफारी भी फंस गई। चालक अजीत पाल के साथ सर्वेश सफारी में बैठे थे। इसी दौरान पीछे की फार्चूनर से उतर कर आए एक शख्स ने अजीत को गाली देते हुए जल्दी आगे बढ़ने को कहा। जाम का हवाला देते हुए अजीत ने गालीगलौज पर आपत्ति जताई तो उस शख्स ने उनकी पिटाई शुरू कर दी। सर्वेश ने बताया कि जब तक वो और अजीत कुछ समझ पाते तब तक पीछे लगी दो फार्चूनर और एक सफारी से उतर कर आठ-दस लोग आ गए। उन्हें और अजीत को रायफल के बट से मारने लगे। सरेराह मारपीट होती देख अन्य वाहनों के चालक और टोल कर्मी बचाव में दौड़े तो मारपीट कर रहे लोगों ने रायफल और पिस्टल से फायरिंग शुरू कर दी। सर्वेश के अनुसार हमलावरोें ने लगभग 50 राउंड फायरिंग की। इससे टोल कर्मियों और अन्य वाहन सवारों में अफरातफरी मच गई। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। दहशत फैलाने के बाद फार्चूनर और सफारी सवार रोहनिया की तरफ भाग निकले। सूचना पर डाफी चौकी प्रभारी रामजनम यादव ने बाइक से पीछा किया लेकिन बाइक फिसलने से गिरकर घायल हो गए। चौकी प्रभारी की सूचना पर लंका थाना के प्रभारी थानाध्यक्ष रामनरेश यादव मौके पर पहुंचे। बताया कि टोल प्लाजा पर जहां सीसीटीवी कैमरा लगा है, उससे लगभग सौ मीटर दूर फायरिंग की घटना हुई। टोल प्लाजा के कैमरे में दो फार्चूनर और एक सफारी तेजी से जाते हुए दिखाई दी है लेकिन फायरिंग करते हुए कोई तस्वीर कैद नहीं हुई है। पता लगा है कि अतुल राय डीरेका क्षेत्र में रहता है, गिरफ्तारी के लिए टीमें भेज दी गई हैं।
पूर्व विधायक के नाम पर नि:शुल्क निकले तीनों वाहन
डाफी टोल प्लाजा से दो दिन पूर्व जिलाधिकारी की गाड़ी निकली थी तो टोल कर्मियों ने बखेड़ा खड़ा कर दिया था और मनमानी करने का आरोप लगाया था। वहीं, टोल कर्मी फायरिंग करने वालों की फार्चूनर और सफारी बिना किसी शुल्क के पूर्व विधायक के नाम पर नि:शुल्क जाने दिया। बताया जाता है कि जिन वाहनों से भी दो नाली बंदूक खिड़की से बाहर दिखाई देती है, उसके साथ टोल कर्मी वीआईपी जैसा बरताव करते हुए निशुल्क जाने देते हैं। उधर, सर्वेश तिवारी ने आरोप लगाया कि टोल कर्मियों ने फायरिंग के दौरान के सीसीटीवी फुटेज को डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (डीवीआर) से मिटा दिया। हालांकि, टोल कर्मियों का कहना था कि उन्होंने सीसीटीवी फुटेज मिटाया नहीं है वह सुरक्षित है।