वाराणसी। मौनी अमावस्या पर कुंभ में शाही स्नान के बाद अनुमान से अधिक श्रद्धालु मंगलवार को काशी पहुंचे तो पूरा शहर जाम हो गया। बाबा विश्वनाथ मंदिर की पूरी व्यवस्था भी ध्वस्त हो गई। भीड़ इतनी थी कि संभालना मुश्किल हो गया।
एक ओर मैदागिन से लेकर छत्ता द्वार तक करीब ढाई किलो मीटर लबी लाइन लग गई तो दूसरी ओर दशाश्वमेध, गोदौलिया में भी लंबी-लंबी कतारें लग गईं। अव्यवस्था बढ़ने लगी तो रुद्रभिषेक स्पेशल दर्शन बंद करा दिया गया। साथ ही मंदिर क्षेत्र की ओर जाने वाले सभी ई-रिक्शा, चार पहिया वाहनों के साथ दो पहिया वाहनों को रोक दिया गया। तब जाकर स्थिति पर कुछ हद तक नियंत्रण में आई। मंदिर सुरक्षा के अधिकारियों ने बताया कि सुबह चार बजे से रात 10 बजे के बीच दर्शन की अधिकतम सीमा ढाई लाख दर्शन तक ही है, जबकि इससे कहीं अधिक श्रद्धालु पहुंच गए।
रुद्राभिषेक कराना पड़ा बंद
वीआईपी दर्शन से लाइन में लगे श्रद्धालुओं को परेशानी होने लगी, इसे देखते हुए कमिश्नर ने वीआईपी दर्शन और रुद्राभिषेक बंद करा दिया। पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि विशेष दिन और पर्व के दौरान इस व्यवस्था को बंद रखना चाहिए।
श्रद्धालुओं ने किया हंगामा
श्रद्धालु स्पेशल दर्शन के टिकट के लिए बांस फाटक स्थित हेल्प डेस्क पर लाइन में लगे थे, इसी बीच काउंटर बंद कर दिया गया। इस पर उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। ऐसा लगा कि भीड़ हेल्प डेस्क का दरवाजा तोड़ देगी, इस पर पुलिस तैनात करनी पड़ी। इसी तरह की स्थित दशाश्वमेध घाट के काउंटर पर भी बनी, जहां हेल्प डेस्क बंद कर कर्मचारियों को हटना पड़ा। पुलिस ने स्थिति नियंत्रित की।