वाराणसी। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के विरोध में रविवार को ललिता घाट पर सर्वदलीय धरना दिया गया। सभी दलों के नेताओं ने एक स्वर में कहा कि काशी की पहचान यहां के मंदिरों और गलियों से हैं। केंद्र सरकार काशी की मूल पहचान और संस्कृति को नष्ट कर रही है।
धरने से पहले चितरंजन पार्क से जुलूस की शक्ल में सभी दलों के कार्यकर्ता ललिता घाट पहुंचे। इसकी अगुवाई कांग्रेस के पूर्व सांसद डॉ. राजेश मिश्र, आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह, अपना दल की प्रदेश अध्यक्ष पल्लवी पटेल और सपा के पूर्व मंत्री सुरेंद्र पटेल ने की। कॉरिडोर के विरोध से जुड़े स्लोगन लिखी तख्तियां लिए कार्यकर्ता सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे।
आप नेता संजय सिंह ने कहा कि भाजपा एक तरफ अयोध्या में राम मंदिर बनाना का नारा देती है। दूसरी तरफ काशी में मंदिरों को तोड़ रही है। यहां सैकड़ों प्राचीन मंदिर तुड़वाए गए हैं। प्राइवेट मेंबर बिल के जरिए इसे वह राज्यसभा में उठाएंगे। अपना दल की प्रदेश अध्यक्ष पल्लवी पटेल ने कहा कि कॉरिडोर से काशीवासिों का नुकसान हो रहा है। आतताइयों से मंदिरों की रक्षा करने वाले काशीवासियों को कब्जेदार बताया जा रहा है।
कांग्रेस के पूर्व सांसद डॉ. राजेश मिश्र ने कहा कि हिंदू हितों के नाम पर बनी भाजपा सरकार काशी में हिंदू मंदिरों को तोड़ रही है। सपा के पूर्व मंत्री सुरेंद्र पटेल ने कहा कि भाजपा का जो हाल राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में हुआ है, वैसा ही हाल 2019 लोकसभा चुनाव में होगा।
इस मौके पर संजीव सिंह, देवकांत, कृष्ण कुमार शर्मा, जागृति राही, राजेश पटेल, गगन प्रकाश यादव, सुनील पटेल, कन्हैया मिश्र, सभाजीत सिंह, अरविंद और कुंवर सुरेश आदि ने भी विचार रखे।