वाराणसी। बनारस क्लब के कब्जे वाली 1.33 एकड़ नजूल जमीन और यहां हुए अवैध निर्माण के मामले की जांच गुरुवार को विधान परिषद की समिति करेगी। समिति दोपहर बाद सर्किट हाउस में बैठक करेगी। गुरुवार या शुक्रवार को समिति के सदस्य अवैध निर्माण का स्थलीय मुआयना कर सकते हैं। जिला प्रशासन और वीडीए के अधिकारी समिति के सामने क्लब की जमीन के दस्तावेज और अवैध निर्माण पर की गई कार्रवाई संबंधी कागजात प्रस्तुत करेंगे।
उधर, दीवानी कचहरी के अधिवक्ता भी समिति के सदस्यों से मिलकर अपना पक्ष रखेंगे और मांग करेंगे कि क्लब के कब्जे वाली जमीन पर जनोपयोगी कार्य किए जाएं। जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्रा ने बताया कि क्लब की जमीन से जुड़े कागजात मिल गए हैं। इन्हें समिति के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। समिति के निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। समिति का नेतृत्व एमएलसी नरेश उत्तम कर रहे हैं, वहीं एमएलसी शतरुद्र प्रकाश, आनंद भदौरिया, उदयवीर सिंह, सुनील साजन, संतोष यादव सनी और राजेश यादव सदस्य हैं।
कलेक्ट्रेट और दीवानी कचहरी के बगल में जिस जमीन पर बनारस क्लब है, उसका पट्टा 2015 में खत्म हो चुका है। बनारस बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री नित्यानंद राय सहित अन्य अधिवक्ताओं का आरोप है कि नजूल की जमीन पर क्लब ने अवैध कब्जा कर रखा है। इसके साथ ही क्लब परिसर में वीडीए को धता देकर अवैध निर्माण किया गया है। 2012 में वीडीए ने क्लब को नियम विरुद्ध निर्माण के लिए नोटिस दिया था। छह साल से इस नोटिस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।