फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

... तो बारिश में फिर जलभराव से जूझेगा शहर

विज्ञापन
विज्ञापन
वाराणसी। जिम्मेदार सचेत नहीं हुए तो बारिश में शहर के लिए जलभराव की मुसीबतों से पार पाना मुश्किल हो जाएगा। इसकी बड़ी वजह शाही नाला के मरम्मत कार्य का समय से पूरा न हो पाना है। मार्च 2018 तक ही इसकी मरम्मत पूरी करा लेनी थी लेकिन अब तक बमुश्किल 60 फीसदी काम ही हो पाया है। बाकी 40 फीसदी काम पूरा करने के लिए जून 2018 की डेडलाइन तय की गई है लेकिन जिस सुस्त गति से काम चल रहा है, उसे देखते हुए शायद ही तय समयसीमा में काम पूरा हो पाए। मानसून से पहले मरम्मत कार्य पूरा न हुआ तो मुश्किलें बढ़नी तय हैं।
विज्ञापन

करीब सात किलोेमीटर लंबाई में शाही नाला की मरम्मत कराई जा रही है। यह नाला अस्सी भदैनी से होते हुए गोदौलिया, बेनियाबाग मैदागिन होते हुए कोनिया के रास्ते खिड़किया घाट पर गंगा में मिलता है। इसकी सफाई के लिए 83 करोड़ का टेंडर हुआ और 2016 में ही काम भी शुरू करा दिया गया। मार्च 2018 तक इसे पूरा कर लिया जाना चाहिए था लेकिन यह अब तक आधा-अधूरा है। गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई की देखरेख में यह कार्य कराया जा रहा है। बाकी 40 फीसदी काम पूरा करने के लिए जून 2018 तक की नई समयावधि तय की गई है। दो महीने से भी कम समय बचे होने के बावजूद काम में कहीं कोई तेजी नहीं दिख रही है। हालांकि समय से काम पूरा कराने का दावा जरूर किया जा रहा है। जानकारों की मानें तो मानसून से पहले शाही नाला की मरम्मत पूरी न हुई तो शहर को जलभराव की मुश्किलों से निजात दिला पाना आसान नहीं होगा।
ये हो रही परेशानियां
नाले की मरम्मत के लिए उसे ब्लाक कर दिया गया है। सीवेज निकासी के लिए सड़क पर पाइप लाइन बिछाकर वैकल्पिक व्यवस्था बनाई गई है। बड़े-बड़े पंपों के जरिए इस पाइप लाइन के जरिए सीवेज निकासी कराई जा रही है। इससे एक तो सीवेज की समुचित निकासी में दिक्कतें आ रही हैं, दूसरे कम चौड़ी सड़कों पर पाइप लाइन बिछा दिए जाने से आवागमन प्रभावित हो रहा है। सबसे अधिक परेशानी चेतगंज से लेकर बेनियाबाग, नई सड़क तक है। वहीं विशेश्वरगंज और कालभैरव चौराहे पर भी लोगों को पाइप लाइन के चलते आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें