वाराणसी। केन्द्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल परिवहन को लेकर शिफ्ट हो रहे कछुआ सैंक्चुअरी को लेकर प्रशासन ने भी अपनी तैयारी कर रखी है। कछुआ सैंक्चुअरी के शिफ्ट होने के बाद गंगा पार क्षेत्र की तस्वीर बदलेगी और प्रशासन भी रेत में पर्यटकों को रिझाने के लिए अपनी योजना तैयार कर रहा है। सैंक्चुअरी के चलते अब तक गंगा किनारे पर भी किसी तरह की गतिविधि पर रोक है। ऐसे में इसके हटने के बाद यहां काशी की पारंपरिक विरासतों से जुड़ी चीजों के जरिए पर्यटकों को लुभाया जाएगा।
राम नगर से राजघाट तक बसे कछुआ सैंक्चुअरी के चलते गंगा पार क्षेत्र में किसी तरह की गतिविधि पर पूरी तरह से रोक है। जल परिवहन को लेकर केन्द्रीय वन मंत्रालय ने सैंक्चुअरी को शिफ्ट करने पर अपनी सैद्धांतिक सहमति दे दी है। यही कारण है कि कछुआ सैंक्चुअरी को शिफ्ट करने के लिए प्रशासनिक कवायद शुरू हो गई है। इसी बीच गंगा तट को विकसित करने की कार्ययोजना भी तैयार की जा रही है। गंगा पार क्षेत्र में रेत में ही कई शहरों के पारंपरिक चीजों को जोड़ा जाएगा। इसके लिए जिलाधिकारी की ओर से एक प्रस्ताव तैयार कराया जा रहा है। जिसमें उस क्षेत्र को साध्य मेले के हिसाब से विकसित करने की योजना है। जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र ने बताया कि कछुआ सैंक्चुअरी को शिफ्ट कराने को लेकर काम किया जा रहा है। इसके बाद गंगापार क्षेत्र में संभावनाओं के आधार पर पर्यटकों के लिए विकसित करने की योजना है।