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शहर में ऑटो और टैक्सी के रुट ही तय नहीं0

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वाराणसी। सड़कों पर दौड़ लगा रही टैक्सी और ऑटो के लिए परिवहन विभाग की ओर से कोई रुट तय नहीं है। यही कारण है कि कई रुट पर ऑटो और टैक्सी की भीड़ होती है और कई जगहों पर यात्रियों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए इंतजार करना पड़ता है। सबसे खराब हालात तो एयरपोर्ट और बाहरी रेलवे स्टेशन पर है। यहां शाम होने के बाद यात्रियों को गंतव्य तक जाने के लिए जूझना पड़ता है।
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वाराणसी में परिवहन विभाग की लापरवाही के चलते टैक्सी, ऑटो सहित अन्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट से जुड़े वाहन यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाकर पूरी मनमानी करते हैं। अगर मामला शाम के बाद का है तो मुश्किल और बढ़ जाती है। देशी हो या विदेशी यात्री उनका जमकर शोषण किया जा रहा है। इसकी वजह शाम के बाद एयरपोर्ट पर कार या कैब की कमी है। यही कारण है कि निर्धारित मूल्य का दो से ढाई गुना किराया वसूल किया जा रहा है। दरअसल, परिवहन विभाग शहर में प्राइवेट टैक्सी, ऑटो और अन्य निजी वाहनों को रुट को तय करता है और इसमें उनके किराए का मानक भी तैयार होता है। किराया को लेकर आरटीए की बैठक होती है, मगर छह साल से बैठक नहीं होने के चलते किराया तय नहीं है। जबकि शहर में रुट को लेकर कोई कवायद नहीं हुई है।
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