वाराणसी। बनारस की शान में शुमार गंगा घाटों को जल्द ही नवजीवन मिलने वाला है। इन घाटों की मरम्मत, संवारने और मूल रूप में लाने के लिए नगर निगम ने तैयारी शुरू कर दी है। यह एक साल के भीतर पूरा करना है। इसके लिए नगर निगम के जायका विंग की ओर ने 26 घाटों की मरम्मत कराने की कवायद की जा रही है। सभी घाटों को सजाने-संवारने के लिए भी सर्वे हो चुका है। अमर उजाला में घाटों की दुर्दशा को लेकर चलाए गए अभियान का प्रधानमंत्री कार्यालय ने संज्ञान लिया। पीएमओ के निर्देश पर ही नगर निगम घाटों के सौंदर्यीकरण में जुटा है।
वरुणा और अस्सी के बीच गंगा किनारे बने 84 घाटों में से 26 घाटों की स्थिति बहुत ही खराब हो चुकी है। यहां घाट अंदर से खोखले हो चुके हैैं। इसकी वजह कछुआ सैंक्चुअरी के चलतेे रेत का कटाव न होने से गंगा की धारा डायवर्ट होकर घाटों पर अपना दबाब बना रही है। इससे घाट की नींव अंदर से खोखली होती जा रही है। घाट और घाटों के किनारे स्थित प्राचीन विरासतें जैसे महल मंदिर, मठ को भी आनेे वाले समय में खतरा है। इन प्राचीन विरासतों को संरक्षित करने और घाटों को बचाने के लिए नगर निगम ने घाटों की मरमत कराने के लिए 10 करोड़ 76 लाख रुपये का टेंडर जारी किया है। यह कार्य जायका के नमामि गंगे और नेशनल गंगा रिवर बेसिन अथॉरिटी के तहत किया जा रहा है।
अमर उजाला ने बताई थी घाटों की दुर्दशा
गंगा के घाटों की दुर्दशा को लेकर अमर उजाला ने फरवरी के अंतिम सप्ताह में अभियान चलाया था। इसमें घाटों की दुर्दशा को लेकर घाट पड़ताल करके खबरें प्रकाशित की गई थीं। इसमें दरकते घाटों और श्रद्घालुओं की दयनीय स्थिति को प्रदर्शित किया गया था। गंगा प्रेमियों, संतों और विद्वानों ने भी अपनी राय देकर गंगा के घाटों को बचाने की अपील की थी। इन खबरों का पीएमओ ने भी संज्ञान लिया। वहां से नगर निगम को कार्य कराने के लिए पत्र जारी हुआ। इसके बाद नगर निगम ने इन घाटों को बचाने के लिए पूरा प्लान तैयार कर उसके लिए टेंडर जारी किया है।
इन 26 घाटों की होगी मरम्मत
नमामि गंगे प्रोग्राम के तहत प्रभु घाट, भदैनी घाट, जानकी घाट, आनन्दमई घाट, बद्री नारायन घाट, गोला घाट, त्रिलोचन घाट, नया घाट, राम घाट, निशाद घाट, गाय घाट, बूंदी परकोटा घाट, मानसरोवर घाट, जैन घाट, संकठा घाट, पांडेय घाट, लाल घाट, केदार घाट, चौकी घाट, जतर घाट, सक्का घाट, तेेलियानाला घाट, राजा ग्वालियर घाट, नारद घाट, शीतला घाट और नंदेश्वर घाट शामिल है।
डॉ. नितिन बंसल, आयुक्त नगर निगम नेबताया कि गंगा किनारे के घाटों की मरम्मत कराने के लिए 26 घाटों को चयनित किया गया है। इनमें वे घाट शामिल हैं, जो अंदर से खोखला होने के चलते टूट गए हैं, जिनकी मरम्म्त जरूरी है। इनके लिए 10.76 करोड़ का टेंडर हुआ है। एक साल के अंदर कार्य को पूर करना है।