वाराणसी। शहर और बाहरी इलाके में अवैध निर्माण का धंधा वीडीए के अधिकारियों-कर्मचारियों तथा बिल्डर्स के गठजोड़ से खूब फल-फूल रहा है। बड़े भवनों का वीडीए नक्शा तो पास कर देता है लेकिन नक्शे को दरकिनार कर निर्माण करा लिया जाता है। वीडीए की नींद तब टूटती है जब नक्शे के विपरीत अवैध बिल्डिंग तैयार हो जाती है। इसके बाद अवैध से वैध करने का ‘खेल’ शुरू होता है। बाद में अधिकारियों की मिलीभगत से बिल्डर्स शमन शुल्क जमा कर उसे वैध करा लेते हैं। वीडीए का यह खेल नया नहीं है लेकिन अवैध निर्माण रोकने और उसपर नकेल कसने का दावा करने वाले वीडीए के वरिष्ठ अधिकारियों के लिए चुनौती से कम नहीं है।
एक दिन पहले वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान शगुन लॉन के पास में एक दस मंजिला बिल्डिंग पर जब जिले के आला अधिकारियों की नजर पड़ी तो अमला उसकी पड़ताल में जुट गया। पता चला कि वीडीए से बिल्डर्स ने ग्राउंड फ्लोर सहित नौ मंजिल का नक्शा पास कराया था लेकिन बिल्डर्स ने उसे 10 मंजिला बना लिया। यह सब कुछ हो गया लेकिन वीडीए ने इसे रोकने की जहमत नहीं उठाई। वीडीए की ऐसी करतूत का नमूना महमूरगंज मुख्य मार्ग पर भी देखने को मिलेगा। महमूरगंज में पेट्रोल पंप से सटी एक मल्टी स्टोरी का निर्माण अवैध ढंग से हो गया। नक्शे के विपरीत जब एक मंजिल अधिक बनकर तैयार हो गई तब बिल्डर्स को वीडीए के अधिकारियों ने नोटिस जारी कर दिया। पिछले साल नोटिस जारी कर अब अवैध निर्माण की कंपांउडिंग कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। तब नोटिस जारी करने के बाद शुल्क लेकर उसे वैध करने की तैयारी है। इसी बिल्डिंग के पीछे एक और मल्टीस्टोरी का निर्माण चल रहा है। उसमें भी एक मंजिले का अवैध निर्माण करा लिया गया है। सूत्रों का कहना है कि इस अवैध ढंग से बनी बिल्डिंग का मुआयना करने के लिए शनिवार की रात अधिकारियों ने इसका निरीक्षण भी किया है।
यह तो वीडीए की अनदेखी का नमूनाभर है। इसके अलावा सिगरा, लंका, शिवपुर, मैदागिन, लहरतारा, सिकरौल, आशापुर, सारनाथ, लालपुर इलाके में धड़ल्ले से अवैध और वीडीए से पास नक्शे के विपरीत निर्माण कराया जा रहा है। इन पर अधिकारियों की नजर नहीं पड़ रही है।
वीडीए जोनल अधिकारी वीपी मौर्या ने बताया कि ‘शगुन लॉन के पास जो बिल्डिंग है उसका ग्राउंड फ्लोर सहित नौ मंजिल का नक्शा पास था लेकिन एक मंजिला अधिक बना ली गई है। नोटिस देकर अब कंपाउंडिंग कर उसे वैध कर दिया जाएगा।