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ज्योतिष्पीठ पर धर्म महामंडल में खिंची तलवारें

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वाराणसी। ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य के पद पर जगद्गुरु स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के अभिषेक को लेकर भारत धर्म महामंडल के दोनों धड़ों में तलवारें खिंच गई हैं। जनरल सेक्रेटरी शंभू उपाध्याय की ओर से शंकराचार्य के चयन के लिए सात दिसंबर को बुलाई गई ऑल इंडिया कौंसिल की बैठक में हंगामा होने की आशंका है।
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चीफ सेक्रेटरी प्रो. प्यारे सिंह ने आशंका जताई है कि अभिषेक करने वाला उपाध्यक्ष सत्यनारायण पांडेय का धड़ा भी उस बैठक में पहुंचकर हंगामा कर सकता है। इसकी सूचना डीएम, एसएसपी को देकर सुरक्षा की मांग की गई है। उधर, अभिषेक करने वाला धड़ा ने सोमवार को महामंडल परिसर में ज्योतिष्पीठ की खोज करने वाले संत ज्ञानानंद का षोडशोपचार पूजन और अभिषेक करेगा। इसके बाद पदयात्रा निकाली जाएगी।
सात दिसंबर को ऑल इंडिया कौंसिल की बैठक बुलाने वाले भारत धर्म महामंडल के जनरल सेक्रेटरी शंभू उपाध्याय ने स्वरूपानंद के अभिषेक को विधि शून्य करार दिया है। उन्होंने शृंगेरी पीठ के शंकराचार्य स्वामी भारती तीर्थ महाराज और पुरी पीठ के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती को पत्र भेजकर जानकारी मांगी है कि क्या कुछ लोगों द्वारा परमहंसी गंगा आश्रम (एमपी) में स्वामी स्वरूपानंद के कराए गए अभिषेक में उन्होंने अपनी सहमति के साथ प्रतिनिधियों को भेजा था या नहीं। अभिषेक करने वाले धड़े का दावा है कि पुरी पीठ से देवदत्त दुबे और शृंगेरी से अनंत भट्ट ने अभिषेक प्रक्रिया में हिस्सा लिया था। शंभू उपाध्याय का कहना है कि शंकराचार्य पीठों के जिन दो शिष्यों का नाम लिया जा रहा है, वे अभिषेक के लिए अधिकृत नहीं किए गए थे। दोनों धड़ों में विवाद गहरा गया है। उपाध्यक्ष और डिपार्टमेंटल सेक्रेटरी का धड़ा स्वरूपानंद के अभिषेक को सही साबित करने में जुटा है तो जनरल सेक्रेटरी और चीफ सेक्रेटरी का धड़ा उसे गलत बताने में।
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