वाराणसी। हजरत मोहम्मद (स.) की पैदाइश के जश्न में पूरा शहर खुशियों से सराबोर होने को बेकरार है। शुक्रवार की शाम से नबी की पैदाइश की खुशियां मनाई जाने लगेंगी। पूरा शहर रोशनी से जगमगाएगा। मरकजी यौमुन्नबी कमेटी बनारस की ओर से शुक्रवार की रात दस बजे बेनियाबाग से ईद मिलादुन्नबी का जुलूस उठाया जाएगा। वहीं दो दिसंबर को सुबह सात बजे रेवड़ी तालाब से ऐतिहासिक जुलूस-ए-मोहम्मदी निकलेगा। इस दौरान हजारों की तादाद में लोग नबी का परचम लिए, नात-कलाम पढ़ते हुए जुलूस में शामिल होंगे।
ईद मिलादुन्नबी के सिलसिले से गुरुवार को मदरसा जामिया जियाउल उलूम में जलसे का आयोजन किया गया। मदरसे के प्रिंसिपल मौलाना गुलाम नबी जियाई ने कहा कि नबी की तालीम और उनके बताए रास्ते पर चल कर ही हम सब अच्छे इंसान बन सकते हैं। तरक्की हासिल कर सकते हैं। 12 रबी-उल-अव्वल दुनिया-ए-इंसानियत के लिए तारीखी दिन है। मौलाना मसऊदुल हसन ने कहा कि मुसलमानों को अपनी तरक्की के लिए तालीम का रास्ता अख्तियार करना होगा। छात्रों ने नात पेश किया। मौलाना इकबाल अहमद सेराजी की दुआ और सलाम के साथ जलसा खत्म हुआ। संचालन हाफिज ताजो बनारसी और शुक्रिया मुश्ताक अहमद ने अदा किया।