वाराणसी। सांसद निधि के 47 और विधायक निधि के 86 कार्य समय से पूरे नहीं कराने पर शासन ने बीते 31 मई को ग्रामीण अभियंत्रण सेवा के आठ अवर अभियंताओं को निलंबित कर दिया था। इस मामले में अधिवक्ता नित्यानंद राय ने बताया कि हाईकोर्ट ने अवर अभियंताओं के निलंबन पर रोक लगा दी है।
वर्क आर्डर जारी नहीं करने पर शासन ने अरुण कुमार राय, मनोज कुमार मेहरोत्र्रा, अमरदेव, राजेश कुमार सिंह, संतोष कुमार शुक्ल, शैलेष कुमार सिंह, रंजीत सिंह यादव, हीरालाल यादव को निलंबित किया था। इस मामले में पीड़ित पक्षों ने शासन के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। इसमें मुख्य सचिव, मुख्य अभियंता, निदेशक, अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता आरईएस को पक्षकार बनाया है। तीन और चार जुलाई को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। जेई का कहना है कि वर्क आर्डर जारी करना उनका काम नहीं है। यह काम अधिशासी अभियंता का है। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने माना कि प्रथम दृष्टया निलंबन का आदेश गलत प्रतीत होता है। इस मामले में शासन के निलंबन आदेश पर रोक लगा दी है। अगली सुनवाई 21 अगस्त को होगी।