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श्रद्धालुओें की सुरक्षा मेें तैनात होंगे ढाई हजार पुलिसकर्मी

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वाराणसी। 10 जुलाई से शुरू हो रहे सावन मेले के दौरान सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त होंगे। खासकर सावन के पांचों सोमवार पर चप्पे-चप्पे पर निगरानी होगी। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए जिले में ढाई हजार अतिरिक्त फोर्स तैनात की जाएगी। चौक, मैदागिन, गोदौलिया, अस्सी, लंका सहित शहर के 18 महत्वपूर्ण स्थानों पर निगरानी के लिए 51 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। काशी विश्वनाथ मंदिर में पहले से ही 21 कैमरे लगे हुए हैं।
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सावन मेले में उमड़ने वाली भीड़ के मद्देनजर नौ प्रमुख शिवालयों, काशी विश्वनाथ मंदिर, बीएचयू विश्वनाथ मंदिर, मृत्युंजय महादेव मंदिर, केदारेश्वर मंदिर, तिलभांडेश्वर मंदिर, ओंकारेश्वर महादेव मंदिर, मार्कंडेय महादेव मंदिर, रामेश्वर महादेव मंदिर और शूलटंकेवर महादेव मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था का खाका खींच लिया गया है। इन शिवालयों में प्रत्येक सावन सोमवार पर जिला पुलिस के अतिरिक्त 10 एएसपी, 18 डिप्टी एसपी, 198 सब इंस्पेक्टर, 51 महिला सब इंस्पेक्टर, 210 हेड कांस्टेबल, 1190 कांस्टेबल, 125 महिला आरक्षी, छह टीएसआई और ट्रैफिक पुलिस के 110 जवान तैनात रहेंगे। साथ ही, तीन कंपनी पीएसी, एक कंपनी आरएएफ और 350 होमगार्ड की भी तैनाती होगी। वहीं, गंगा में तीन मोटरबोट के साथ एक कंपनी पीएसी और बाढ़ राहत दल के जवान तैनात रहेंगे। एसएसपी नितिन तिवारी ने बताया कि कांवरिया शिविरों और कांवर यात्रा से जुड़े रूटों पर ड्रोन और सीसी कैमरों की निगरानी के अलावा सादे वेश में पुलिस कर्मियों की भी तैनाती होगी। रोजाना बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड तलाशी लेंगे। गंगा किनारे समेत शहर भर में स्थित होटलों, धर्मशालाओं और गेस्ट हाउस के रजिस्टरों की नियमित चेकिंग और निगरानी के निर्देश सभी थानेदारों को दिए गए हैं।
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प्रमुख सचिव और डीजीपी ने किया बाबा का दर्शन
प्रमुख सचिव (गृह) अरविंद कुमार और डीजीपी सुलखान सिंह आयुक्त सभागार में बैठक के बाद काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे। छत्ताद्वार प्वाइंट से होते हुए दोनों अधिकारी कंट्रोल रूम गए और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इसके बाद दोनों अधिकारियों ने बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक और षोडषोपचार पूजन किया। विश्वनाथ मंदिर की ओर से दोनों अधिकारियों को अंगवस्त्रम, प्रसाद और बाबा का कैलेंडर भेंट किया गया। डीजीपी ने मंदिर परिक्षेत्र से बाहर निकलने के दौरान अधिकारियों से कहा कि श्रद्धालुओं के साथ किसी भी प्रकार से दुर्व्यवहार की शिकायत न आए। उन्होंने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर संतुष्टि जताई।
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