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अधिकारियों को हर सप्ताह देनी होगी समीक्षा रिपोर्ट

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अधिकारियों को हर सप्ताह देनी होगी समीक्षा रिपोर्ट
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वाराणसी। विकास कार्यों में लापरवाही पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त रुख के बाद सरकारी अमला हरकत में आ गया है। इस बीच सीएम के प्रमुख सचिव एसपी गोयल ने निर्माणाधीन कार्यों की हर सप्ताह समीक्षा रिपोर्ट मांगी है। इसके लिए कमिश्नर ने अपने कार्यालय में विशेष अनुश्रवण कक्ष बनाने के साथ ही विकास कार्यों पर रोजाना की प्रगति रिपोर्ट मांगी है। इससे पूर्व शहर में चल रहे विकास कार्यों की रोजाना की रिपोर्ट पीएमओ भेजी जा रही है। नई व्यवस्था के बाद अब पीएम और सीएम दोेनों की सीधी नजर काशी के विकास कार्यों पर रहेगी।
सोमवार को कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण ने समीक्षा में फिसड्डी रहे सेतु निगम, जल निगम, सिंचाई, सीएंडडीएस, डूडा एवं पंचायत राज विभाग के अधिकारियों की बैठक कर पेंच कसे। साफ कह दिया, पंद्रह दिन में काम में सुधार दिखना चाहिए। डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने भी योजनाओं के क्रियान्वयन में लगे अधिकारियों को संदेश दे दिया है कि अगर काम में सुधार नहीं हुआ तो कार्रवाई के लिए तैयार रहें। अगर इन दोनों अधिकारियों की सलाह और चेतावनी का असर हुआ तो कार्यशैली में बदलाव के साथ-साथ विकास कार्य अगली तय तारीख तक पूरे हो सकते हैं।
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मुख्यमंत्री ने रविवार को जिले के विकास कार्यों की समीक्षा की थी। जल निगम, सेतु निगम, सिंचाई और पुलिस महकमे के काम से वह खासे नाराज थे। उन्होंने कमिश्नर और डीएम को निर्माण कार्यों की लगातार मॉनीटरिंग करने को कहा है। दरअसल, मंडुवाडीह आरओबी, सामने घाट और बलुआ घाट पुल को 27 जून तक पूरा करने का निर्देश दिया गया था। इसमें से एक भी काम पूरा नहीं हो पाया है। अगले महीने तक भी काम पूरा होने की उम्मीद नहीं है। चौकाघाट-लहरतारा निर्माणाधीन फ्लाईओवर की सर्विस रोड बनाने के लिए डीएम कई बार कह चुके हैं लेकिन आज तक नहीं बन पाई। पानी की 23 ओवरहेड टंकियों को चालू करना भी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है।

जल निगम अधिकारियों पर गिर सकती है गाज
जल निगम के अधिकारियों पर जल्द ही गाज गिर सकती है। सूत्रों की मानें तो बार-बार हिदायत के बावजूद काम में तेजी न आने से कमिश्नर और डीएम भी जल निगम के अधिकारियों से नाराज हैं। दोनों अधिकारियों ने शासन को नकारात्मक रिपोर्ट भेजी है। भाजपा के कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने भी शासन में जल निगम की शिकायत की है। सीएम योगी आदित्यनाथ समीक्षा के दौरान जल निगम पर ही सबसे ज्यादा नाराज थे। कानून व्यवस्था के मद्देनजर कुछ आला अधिकारी भी कार्रवाई की जद में आ सकते हैं।
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भाजपा नेता और कार्यकर्ता उत्साहित
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विकास कार्यों को लेकर सख्त तेवर से भाजपा नेता और कार्यकर्ता उत्साहित हो गए हैं। पार्टी को लगता है कि सपा सरकार में जानबूझकर रोके गए विकास कार्य अब गति पकड़ेंगे। पार्टी के क्षेत्रीय अध्यक्ष एमएलसी लक्ष्मण आचार्य ने कहा कि योगी सरकार योजना, क्रियान्वयन और समीक्षा के तीन बिंदुओं पर काम कर रही है। यही वजह है कि कई साल से लटके पड़े विकास तेजी आई है। महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि का मानना है कि सीएम की लगातार निगरानी से यहां विकास कार्य आगे बढ़े हैं।
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