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Varanasi News: केसरिया ध्वज और गाजे-बाजे के साथ 1100 महिलाओं ने निकाली कलश यात्रा

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गाजे बाजे, केसरिया ध्वज के साथ 1100 महिलाओं व पुरुषों ने शतचंडी महायज्ञ के लिए भव्य कलश यात्रा
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हरिहरपुर धौरहरा गांव स्थित मां काली मंदिर में नौ दिवसीय विशाल श्री शतचंडी महायज्ञ का भव्य शुभारंभ बुधवार को हुआ। इस धार्मिक अनुष्ठान के पहले दिन भव्य कलश यात्रा निकाली गई। यात्रा में 1100 से ज्यादा महिलाएं सिर पर कलश लिए गाजे-बाजे के साथ शामिल हुईं। कलश यात्रा मंदिर प्रांगण से शुरू होकर पावन गोमती नदी के तट पर पहुंची, जहां आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आदि गंगा गोमती की पूजा-अर्चना और आरती की। इसके बाद कलश में जल भरकर महिलाएं हरिहरपुर, धौरहरा कस्बा, पुरापर और धौरहरा गांव होते हुए नगर भ्रमण कर वापस यज्ञ स्थल पहुंचीं। इसके बाद यज्ञ मंडप में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मंडप पूजन, मंडप प्रवेश, देव पूजन, अरणी मंथन और हवन के साथ महायज्ञ की शुरुआत की गई।
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यज्ञ का नेतृत्व कर रहे अयोध्या से आए योगी रामानंद दास महाराज ने कहा कि सनातन काल से ही विश्व पटल पर यज्ञ का अद्भुत प्रभाव रहा है। यज्ञ न केवल परमेश्वर की उपासना का माध्यम है, बल्कि यह मनुष्य को जीवन जीने की कला भी सिखाता है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया में जो भी प्राकृतिक आपदाएं आ रही हैं, वे पंचतत्वों (अग्नि, वायु, आकाश, पृथ्वी और जल) का संतुलन बिगड़ने के कारण हो रही हैं। जब तक इन पांच तत्वों की शुद्धि नहीं होगी, तब तक मानव जीवन निरर्थक रहेगा।

बुधवार से शुरू हुए इस महायज्ञ की पूर्णाहुति 30 जून और एक जुलाई को होगी। विशाल भंडारा होगा जिसमें लगभग एक लाख श्रद्धालुओं को प्रसाद ग्रहण कराया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्य रूप से सुशील सिंह, संजय सिंह, ओंकार सिंह, बेटे सिंह आदि शामिल रहे।
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