वीडीए ने कहा, कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी
प्राधिकरण का कहना है कि जिन भवनों में कोचिंग या लाइब्रेरी संचालित की जा रही है, उनके लिए स्वीकृत मानचित्र, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, आपातकालीन निकास मार्ग, पार्किंग और अन्य सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है। नियमों की अनदेखी सीधे तौर पर विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़ा मामला है, इसलिए किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
कार्रवाई के दौरान सील किए गए अधिकांश संस्थान पीडीडीयू नगर के प्रमुख शैक्षणिक क्षेत्रों में संचालित हो रहे थे, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं अध्ययन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में विकास प्राधिकरण की यह कार्रवाई सुरक्षा मानकों को लेकर एक बड़ा संदेश मानी जा रही है।
नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम के तहत कार्रवाई
वीडीए के जोनल अधिकारी शिवाजी मिश्रा ने बताया कि अनाधिकृत रूप से संचालित इन संस्थानों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई की गई। इसके बाद भवनों को सील कर पुलिस अभिरक्षा में सौंप दिया गया। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और जिन संस्थानों में भवन मानकों, अग्नि सुरक्षा एवं अन्य आवश्यक स्वीकृतियों की कमी पाई जाएगी, उनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
ये कोचिंग 11 संस्थान हुए सील
- राय एकेडमी, पटेल नगर
- एस.ए.एस. लाइब्रेरी, कैलाशपुरी
- इकोनॉमिक्स प्वाइंट,कैलाशपुरी
- अमेरिकन कोचिंग, कैलाशपुरी
- सी.बी.एस. कोचिंग, कैलाशपुरी
- कॉमर्स एकेडमी, कैलाशपुरी
- द मास्टर क्लास एकेडमी, कैलाशपुरी
- महेंद्रा कोचिंग, नई बस्ती
- सूरज क्वात्रा कोचिंग, गुरुद्वारा
- स्टार इंस्ट्यूट, रविनगर
- टॉपर विजन एकेडमी, नई बस्ती
कार्रवाई के बाद कोचिंग संचालकों में बढ़ी बेचैनी
वीडीए की कार्रवाई के बाद पीडीडीयू नगर क्षेत्र के अन्य कोचिंग संचालकों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी हलचल तेज हो गई है। कई संचालक अपने दस्तावेजों, भवन मानचित्रों और अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्रों को दुरुस्त कराने में जुट गए हैं। प्रशासनिक सूत्रों का मानना है कि आने वाले दिनों में और भी संस्थानों की जांच की जा सकती है।
जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी कोचिंग संस्थानों, लाइब्रेरी एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को निर्धारित भवन मानकों, अग्नि सुरक्षा प्रावधानों तथा प्राधिकरण से प्राप्त स्वीकृतियों के अनुरूप ही संचालन सुनिश्चित करना होगा। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर भविष्य में भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। - पूर्ण बोरा, उपाध्यक्ष, वाराणसी विकास प्राधिकरण