विश्वविद्यालय परिसर में दृश्य कला संकाय के पास बने भारत कला भवन में करीब एक लाख से ज्यादा दुर्लभ कलाकृतियों के साथ ही प्रसिद्ध लघुचित्र संग्रह, महामना के जीवन दर्शन पर आधारित महामना वीथिका, ऐतिहासिक सिक्के आदि का संग्रह देखने को मिलता है।
बीएचयू के भारत कला भवन का 106वां स्थापना दिवस एक जनवरी को मनाया गया। इस दौरान निदेशक, उपनिदेशक सहित अन्य लोगों ने भवन की ऐतिहासिकता की चर्चा की। इस दौरान निदेशक प्रो. रूपराय चौधुरी ने कहा कि भारत कला भवन से विरासत के संरक्षण के साथ-साथ नवाचार और शोध की प्रेरणा मिलती है।
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विश्वविद्यालय परिसर में दृश्य कला संकाय के पास बने भारत कला भवन में करीब एक लाख से ज्यादा दुर्लभ कलाकृतियों के साथ ही प्रसिद्ध लघुचित्र संग्रह, महामना के जीवन दर्शन पर आधारित महामना वीथिका, ऐतिहासिक सिक्के आदि का संग्रह देखने को मिलता है।
निदेशक ने कहा कि भारत कला भवन केवल एक संग्रहालय नहीं, बल्कि भारतीय कला, संस्कृति और ज्ञान परंपरा की जीवंत चेतना है। उपनिदेशक डॉ. निशांत ने कहा कि भारत कला भवन का हर संग्रह भारतीय सभ्यता की स्मृति और भविष्य की शोध संभावनाओं का आधार है। यह संस्थान विद्यार्थियों, शोधार्थियों और विद्वानों के लिए सृजन और अध्ययन का सशक्त केंद्र है।