वाराणसी। छावनी क्षेत्र स्थित जेएचवी मॉल में दो लोगों की हत्या के आरोपियों में से एक ऋषभ सिंह उर्फ रीशू ने अदालत से गुहार लगाई है कि वारदात के दौरान वो नाबालिग था। इसलिए उसे किशोर अपचारी घोषित किया जाए। ऋषभ की याचिका पर सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट प्रदीप कुमार सिंह की अदालत ने तीन मई को जिला जेल से उसे पेश करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही ऋषभ के मां-बाप को भी साक्ष्य संकलन के लिए पेश होने का आदेश अदालत ने दिया है। यह जानकारी सोमवार को ऋषभ के अधिवक्ता वरुण प्रताप सिंह प्रिंस ने दी।
31 अक्तूबर 2018 को जेएचवी मॉल में अंधाधुंध फायरिंग कर दो लोगों की हत्या की गई थी और दो लोगों पर जानलेवा हमला किया गया था। वारदात के संबंध में कैंट थाने में मुख्य आरोपी महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्र आलोक उपाध्याय और उसके दोस्त रोहित सिंह, ऋषभ सिंह और कुंदन सिंह सहित पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
बिहार के आरा निवासी ऋषभ सिंह को 15 नवंबर 2018 को पिसौर पुल क्षेत्र से मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल चारो आरोपी जिला जेल में निरुद्ध हैं। अधिवक्ता वरुण प्रताप सिंह प्रिंस ने अदालत में ऋषभ की ओर से याचिका प्रस्तुत कर अपील की कि वारदात के दौरान उनके मुवक्किल की उम्र 18 वर्ष से कम थी। इसलिए उसे किशोर अपचारी घोषित किया जाए।