वाराणसी। सीएचएस में कक्षा छह के लिए 35 हजार बच्चों की प्रवेश परीक्षा और लोकसभा चुनाव के प्रत्याशियों के नामांकन जुलूस ने सोमवार को शहर की यातायात व्यवस्था ध्वस्त कर दी। सुबह आठ बजे से सड़कों पर वाहनों की कतार लगने का जो सिलसिला शुरू हुआ वह देर शाम तक नहीं थमा। इस दौरान भीषण जाम में कई एंबुलेंस और स्कूली वाहन फंसे रहे लेकिन उनकी मदद के लिए चौराहों और तिराहों पर पुलिसकर्मी नहीं दिखे। पुलिस अधिकारी चुनाव ड्यूटी के लिए भेजी गई फोर्स को वजह बता कर समस्या से पीछा छुड़ाते दिखे।
शहर के 60 विद्यालयों में सुबह आठ से 10 बजे तक 35 हजार बच्चों की प्रवेश परीक्षा थी। 10 बजे परीक्षा छूटी तो लंका, सामने घाट, नगवा, दुर्गाकुंड, कमच्छा, रथयात्रा, सिगरा, सुंदरपुर, भिखारीपुर, ककरमत्ता, महमूरगंज, अस्सी, गोदौलिया, चौक, मैदागिन, कबीरचौरा, लहुराबीर, चेतगंज, फातमान, मलदहिया, अंधरापुल, नदेसर, भोजूबीर, कचहरी और पांडेयपुर सहित शहर के अन्य प्रमुख इलाके जाम की जद में आ गए। इसके कुछ देर बाद शहर के कुछ विद्यालयों की छुट्टी हुई तो उनके भी वाहन सड़कों पर आ गए और जाम की समस्या विकराल हो गई। 12 बजे के लगभग कांग्रेस और सपा-बसपा गठबंधन के अलावा अन्य दलों व निर्दल प्रत्याशी कचहरी की ओर नामांकन जुलूस लेकर निकले तो वाहनों का रेंगना भी बंद हो गया। 44 डिग्री सेल्सियस तापमान में भीषण जाम में फंसे स्कूली बच्चे और मरीज मदद के लिए बिलबिलाते नजर आए लेकिन उनके वाहनों को रास्ता नहीं मिल पा रहा था। शाम के समय एक बार फिर पूरा शहर जाम की जद में आ गया और पुलिसकर्मी कहीं भी समस्या का समाधान करते नहीं दिखे।