वाराणसी। चांदपुर चौराहा के समीप स्थित एक बंद कमरे में गुरुवार की सुबह चार दिन से लापता दिव्यांग चाय दुकानदार गोपाल यादव (50) का सड़ागला शव मिला। दुर्गंध से परेशान पड़ोसियों की सूचना पर फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम के साथ पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया। कमरे के दरवाजे की कुंडी बाहर से बंद होने के कारण छोटे भाई डबलू ने गोपाल की हत्या की आशंका जताते हुए मंडुवाडीह पुलिस को तहरीर दी है। हत्या की वजह क्या हो सकती है या गोपाल की किसी से रंजिश थी, इसे लेकर पुलिस को परिजन कोई ठोस जानकारी नहीं दे सके।
मंडुवाडीह थाना अंतर्गत चांदपुर निवासी बाएं हाथ से दिव्यांग गोपाल ने घर के समीप ही चाय की दुकान खोल रखा था और वहीं रहता था। लगभग 20 वर्ष पूर्व गोपाल और उसकी पत्नी के बीच अलगाव हो गया था। इसके बाद से गोपाल का खाना उसके चार भाइयों के घर से आता था। 10 मार्च को दुकान पर गोपाल का खाना रखा हुआ था और बिस्तर लगा था लेकिन वो नहीं था। गोपाल के भाइयों ने उसकी काफी खोजबीन की लेकिन उसका पता नहीं लगा। गुरुवार को परिजन मंडुवाडीह थाने पर गोपाल की गुमशुदगी की तहरीर देने जा रहे थे। इसी दौरान गोपाल की चाय की दुकान से कुछ दूर स्थित एक बंद कमरे से दुर्गंध आने की शिकायत स्थानीय लोगों ने पुलिस को दी। सूचना पाकर पुलिस ने दरवाजे की कुंडी खोली तो अंदर गोपाल का क्षत विक्षत शव पड़ा था और उस पर कीड़े रेंग रहे थे। इस संबंध में सीओ भेलूपुर अनिल कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट होने पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रकरण तफ्तीश के लिए एक टीम गठित की गई है।
कहीं घटना का राज मरा हुआ कुत्ता तो नहीं
जिस कमरे में गोपाल यादव का शव मिला ठीक उसके बाहर ही एक मरा हुआ कुत्ता पड़ा था। गोपाल के शव और मरे हुए कुत्ते से दुर्गंध आ रही थी। स्थानीय लोगों में चर्चा रही कि कहीं हत्या का राज छिपाने के लिए तो नहीं घटनास्थल पर मरे हुए कुत्ते को फेंका गया। जो भी हो पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही तफ्तीश में लगी टीम किसी नतीजे पर पहुंच सकेगी। वैसे भी गोपाल एक मिलनसार व्यक्ति थे। वैसे किसी भी स्थानीय व्यक्ति ने मरे हुए कुत्ते को फेंकते हुए किसी को नहीं देखा। तफ्तीश में लगी टीम कुत्ता किसका था, कब मरा इसकी भी जानकारी जुटा रही है।