वाराणसी। पुरानी काशी में रोपवे चलाने के लिए राइट्स ने सोमवार को अपनी रिपोर्ट वीडीए के अधिकारियों को सौंपी है। अब मंगलवार को जांच की जाएगी कि काशी के लिए रोपवे कितना उपयोगी है।
शहर में मेट्रो चलाने के लिए वीडीए ने पहले राइट्स से सर्वे कराया, जिसने बीएचयू से भेल और दूसरा बीएचयू से सारनाथ तक का सर्वे किया। इस 29 किमी की दूरी पर करीब 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक का खर्च आ रहा था। इससे वीडीए ने दोबारा सर्वे करने के लिए कहा। इस पर राइट्स ने फिर से सर्वे करने की तैयारी शुरू कर दी। इसी बीच लखनऊ में हुई बैठक में काशी की घनी आबादी और संकरे रास्ते को देखते हुए काशी में रोपवे चलाने को लेकर सर्वे का आदेश हुआ। इस पर राइट्स ने नए सिरे से सर्वे करना शुरू किया, जिसकी रिपोर्ट सोमवार को वीडीए को मिली है। एडीपी मनोज कुमार ने बताया कि रिपोर्ट आ गई है, मंगलवार को इस रिपोर्ट की जांच की जाएगी।
पड़ाव चौराहे पर लगने वाली पं. दीन दयाल उपाध्याय की प्रतिमा अगले माह तक आ सकेगी। इसके बाद इसे वहां पर स्थापित किया जाएगा। यह जानकारी प्रतिमा के निर्माण का निरीक्षण करने गए वीडीए के अधिशासी अभियंता राजकुमार ने दी। उन्होंने बताया कि प्रतिमा ने आकृति ले ली है। अभी उसकी फिनशिंग बाकी है। अगले माह तक यह प्रतिमा पूरी रूप से तैयार होकर आ जाएगी, जिसे लगाने से पहले ही असेंबल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 63 फीट ऊंची इस प्रतिमा को अलग-अलग पार्ट में बनाया जा रहा है, जिसे बनाने वाला यही लाकर सभी को जोड़ेगा।