वाराणसी। शहर में नगर निगम और जिला पंचायत सीमा के मध्य बसी कालोनियों में संसाधनों का अभाव है। कालोनी बसे तो 34 साल हो गए लेकिन सीवर, पेयजल लाइन व सड़क की व्यवस्था आज तक नहीं हो सकी है। कालोनी वासियों की समस्याओं की तरफ किसी का ध्यान नहीं जा रहा है। स्थानीय लोगों ने स्थानीय पीएमओ कार्यालय, विधायक से लेकर जिला पंचायत व वीडीए और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को कई पत्र दिए लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। कालोनी की सड़कें गढ्ढों में तब्दील हैं।
काशी विद्यापीठ ब्लॉक क्षेत्र के सामने घाट इलाके में कालोनाइजरों ने 34 साल पर बालाजी नगर कालोनी को बसाया। उस समय कालोनाइजरों ने सड़क बनाकर प्लाट बेचकर अपना काम पूरा कर लिया। कॉलोनी में कुछ दूर सीवर लाइन बिछाने का काम तो किया गया, लेकिन सीवर लाइन कनेक्शन नहीं जुड़ा और सीवर लाइन अंदर-अंदर फट गई है। पांच सौ लोगों की कालोनी में सुविधाओं की नाम पर कुछ नहीं है। कॉलोनी में रहने वाले ओमकार नाथ राय ने बताया कि 1984 में मकान बनवाए थे। उस समय का बनी सड़क अभी तक चल रही थी। सड़क पूरी जर्जर हो गई है। शांताराम मिश्रा ने बताया कि कालोनी में बारिश के दिनों में पैदल चलने लायक नहीं रह जाता है जबकि बाकी दिनों में सड़कों पर पत्थर के टुकड़े बिखरे रहते हैं। सीवर लाइन नहीं होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है। विनोद कुमार ने बताया कि पिछले साल बाढ़ आने के कारण सड़क खराब हो गई।