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विश्व में नई-नई तकनीकों की हो रही खोज

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वाराणसी। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर गुरुवार को विभिन्न कार्यक्रमों और गोष्ठियों का आयोजन किया गया। बीएचयू में आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने विज्ञान के क्षेत्र में होने वाले शोध और उपलब्धियाें की चर्चा की। बतौर मुख्य अतिथि आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. पीके जैन ने आईआईटी बीएचयू और विज्ञान संस्थान के बीच संयुक्त रूप से शोध करने पर जोर दिया।
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विज्ञान संस्थान संगोष्ठी संकुल में आयोजित कार्यक्रम में निदेशक ने कहा कि दोनों संस्थानों को अपनी जरूरतों को ध्यान में रखकर शोध करने की आवश्यकता है। पूर्व संकाय प्रमुख प्रो. एसएन ठाकुर ने डॉं. रमन के जीवन से जुड़ी घटनाआें के बारे में बताया। विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. अनिल कुमार त्रिपाठी ने कहा कि आईआईटी और बीएचयू में अंतर्विभागीय और अंतर्विषयी शोध को बढ़ावा देने की जरूरत है।
वहीं आईसीटी आधारित संसाधन केंद्र बादशाह बाग कालोनी मलदहिया में ‘विज्ञान से जीवन पर प्रभाव’ विषयक संगोष्टी का आयोजन हुआ। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय भारत सरकार की ओर से संचालित आईसीटी आधारित जरी जरदोजी केंद्र साई इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट तथा समर्पण सेवा संस्थान के संयुक्त संयोजन में यह कार्यक्रम हुआ। संगोष्ठी का शुभारंभ करते हुए एनआईसी जिला सूचना विज्ञान अधिकारी प्रसन्ना पांडेय ने कहा कि पूरा विश्व विज्ञान आविष्कारों के कारण नई-नई तकनीकी पैदा कर रहा है। हमें भी इसके साथ आगे बढ़ना चाहिए। मुख्य अतिथि का स्वागत संस्था के निदेशक अजय कुमार सिंह ने किया और धन्यवाद ज्ञापन एमएस फ रीदी ने किया।
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